Munger News : नगर निगम कर्मियों की हड़ताल के कारण शुक्रवार को भी शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रही. सफाईकर्मी न तो सड़कों पर झाड़ू लगाने पहुंचे और न ही अस्थायी डंपिंग प्वाइंटों से कचरे का उठाव किया गया. लगातार दो दिनों से कचरा नहीं उठने के कारण शहर के कई इलाकों में गंदगी का ढेर लग गया है. बारिश की वजह से कचरा भीगकर सड़ने लगा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और स्थानीय लोगों व राहगीरों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
निगम कार्यालयों में पसरा सन्नाटा
हड़ताल का असर नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों पर भी साफ दिखाई दिया. कार्यालय कर्मियों के काम पर नहीं आने से कई शाखाओं में ताले लटके रहे और पूरे परिसर में सन्नाटा पसरा रहा. जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने, कर जमा करने, आवेदन देने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा.
800 से अधिक सफाईकर्मियों के नहीं आने से बढ़ी समस्या
नगर निगम में 800 से अधिक अस्थायी, दैनिक वेतनभोगी और विभिन्न एनजीओ के माध्यम से कार्यरत सफाईकर्मी शहर की सफाई व्यवस्था संभालते हैं. यही कर्मी प्रतिदिन डोर-टू-डोर कचरा संग्रह कर उसे अस्थायी डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाते हैं. हड़ताल के कारण यह पूरी व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है.
नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग पर अड़े कर्मचारी
बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन एवं स्थानीय निकाय कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर नगर निगम कर्मी 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. आंदोलनकारी कर्मियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मांगों का समाधान शामिल है. शुक्रवार को भी कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय परिसर में धरना देकर सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत कब होती है और शहर की सफाई व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाती है.
