Munger news : नगर निगम एक ही मकान का तीन-तीन बार वसूल रहा होल्डिंग टैक्स

Munger news : हद तो यह है कि बिना पानी दिये ही वित्तीय वर्ष 2022-23 में वाटर टैक्स भी जोड़ कर ले लिया गया है.

Munger news : नगर निगम मुंगेर अनियमितता का केंद्र बन गया है. कभी कचरा घोटाला, तो कभी स्टीमेट घोटाले के लिए सुर्खियों में रहने वाला निगम एक बार फिर होल्डिंग टैक्स वसूली में धांधली को लेकर चर्चा में आ गया है.

निगम ने गृहस्वामी के साथ की धोखाधड़ी

एक ही मकान का एक ही वित्तीय वर्ष में तीन-तीन बार गृहस्वामी से होल्डिंग टैक्स लिया गया. हद तो यह है कि बिना पानी दिये ही वित्तीय वर्ष 2022-23 में वाटर टैक्स भी जोड़ कर ले लिया गया है. मुंगेर नगर निगम के वार्ड नंबर-2 निवासी अशोक नारायण सिन्हा वगैरह के नाम से होल्डिंग टैक्स वसूली की गयी है. 10 फरवरी, 2017 को वित्तीय वर्ष 2016-17 में गृहस्वामी से 2411 रुपये होल्डिंग टैक्स लिया गया. इसमें 47 रुपये ब्याज का था. इसके बाद इसी गृहस्वामी से फिर वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए 5151 रुपये होल्डिंग टैक्स 21 फरवरी, 2022 को ले लिया गया, जबकि इसमें ब्याज की राशि 2788 रुपये जुड़ा हुआ है. साथ ही वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में 6789 रुपये 01 जून, 2018 को होल्डिंग टैक्स के रूप में निगम ने वसूल किया. इसमें ब्याज की राशि 440 रुपये लिया गया. हालांकि समय से पहले भुगतान होने पर गृहस्वामी को 163 रुपये की छूट दी गयी. पर, फिर से निगम प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक यानी पांच साल का एक मुश्त जोड़ कर गृहस्वामी से 20 हजार 123 रुपये होल्डिंग टैक्स वसूल किया. इसमें 5948 रुपये ब्याज की राशि ली गयी. इसमें देखने वाली बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 का दो बार और वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 का दो बार होल्डिंग टैक्स निगम ने वसूल किया.

बिना पानी दिये ही वसूला जा रहा है टैक्स

पिछले दो दशक से शहरवासियों को निगम की ओर से पानी की आपूर्ति ठप है. वर्ष 2024 में कुछ वार्ड में पानी आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन यह दावा हकीकत नहीं है. गृहस्वामी से पानी के नाम पर वाटर टैक्स भी निगम ने वसूलना शुरू कर दिया है. वार्ड नंबर-2 निवासी स्व अशोक नारायण सिन्हा के पुत्र अभिषेक बॉबी ने बताया वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक के लिए पांच बिल नंबर से होल्डिंग टैक्स उनसे वसूल किया गया. रसीद नंबर एएस/6861 तारीख 22 फरवरी, 2022 को होल्डिंग टैक्स के लिए पांच बिल का भुगतान किया. इसमें एक बिल नंबर में 500 रुपये वाटर टैक्स के नाम पर लिया गया.

आवेदन मिलने पर किया जाएगा समाधान

उप नगर आयुक्त कृष्ण भूषण ने बताया कि अधिक राशि होल्डिंग टैक्स के रूप में लिया गया है, तो उसका नियमानुसार समायोजन करने का प्रावधान है. पीड़ित पक्ष आवेदन करेंगे, तो उसका नियमानुकूल समाधान किया जायेगा.

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