मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट:
Munger news: आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक स्वरूप के लिए चर्चित मुंगेर रेलवे स्टेशन रात के समय एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है. बिजली आपूर्ति बाधित होते ही स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और पहुंच मार्ग अंधेरे में डूब जाते हैं. ऐसे में यात्रियों को टिमटिमाती और अपर्याप्त रोशनी के सहारे सफर करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित हो रही हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली कटने के बाद स्टेशन भवन के अंदर सीमित रोशनी तो रहती है, लेकिन स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म तक जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बन जाती है.
ट्रेन आने पर बढ़ जाती है मुश्किलें
यात्रियों का कहना है कि बिजली कटौती के दौरान यदि किसी ट्रेन का आगमन हो जाए तो परेशानी और बढ़ जाती है. अंधेरे में प्लेटफॉर्म तक पहुंचने, कोच की स्थिति पहचानने और सामान के साथ सुरक्षित रूप से ट्रेन तक जाने में कठिनाई होती है. कई बार जल्दबाजी में दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
स्टेशन परिसर में पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. यात्रियों का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं. वहीं कम रोशनी की वजह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी क्षमता भी प्रभावित हो सकती है.
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और पहुंच मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मजबूत बैकअप पावर सिस्टम और हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को अंधेरे में सफर करने की मजबूरी न हो.
यात्रियों का कहना है कि मुंगेर रेलवे स्टेशन जिले का प्रमुख परिवहन केंद्र है. ऐसे में यहां निर्बाध रोशनी और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए. इससे यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सकेगा.
