मुंगेर में गंगा में डूबे 5 साल के शुभम का शव बरामद, परिवार में मचा कोहराम

Munger News: मुंगेर में स्नान के दौरान गंगा में डूबा मासूम, दूसरे दिन नदी किनारे मिला शव

Munger News: मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट: मुंगेर जिले के सफियाबाद थाना क्षेत्र में गंगा स्नान के दौरान डूबे पांच वर्षीय मासूम शुभम का शव गुरुवार को बरामद होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया. पड़हम के समीप गंगा नदी में शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां बच्चे की पहचान शुभम के रूप में की गयी. मासूम का शव देखते ही मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और मातम का माहौल है.

गंगा स्नान के दौरान हुआ था हादसा

जानकारी के अनुसार सिंघिया निवासी बच्चू यादव बुधवार की सुबह अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए सिंघिया घाट पहुंचे थे. स्नान के दौरान उनका पांच वर्षीय पुत्र शुभम घाट की सीढ़ियों पर खेल रहा था. इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया.

बच्चे को डूबता देख घाट पर अफरा-तफरी मच गयी. परिजन और आसपास मौजूद लोग तुरंत उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़े. स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से काफी देर तक बच्चे की तलाश की गयी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया था.

दूसरे दिन नदी में मिला शव

गुरुवार को पड़हम के पास गंगा नदी में एक बच्चे का शव तैरता हुआ दिखाई दिया. इसकी सूचना मिलने पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे. शव की पहचान शुभम के रूप में की गयी. घटना की खबर फैलते ही गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण अक्सर हादसों का खतरा बना रहता है. लोगों ने प्रशासन से गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है.

रोते-बिलखते रहे परिजन

मासूम शुभम की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है. मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं. गांव के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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