लाखों खर्च फिर भी अंधेरे में डूबा मुंगेर-जमालपुर रोड, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों से बढ़ा हादसे का खतरा
Munger News :शहर को रोशन और सुरक्षित बनाने के दावे हवा में उड़ते नजर आ रहे हैं. मुंगेर-जमालपुर मुख्य मार्ग पर लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें अब खुद अंधेरे में गुम हो गयी हैं. रात होते ही सड़क के कई हिस्से पूरी तरह अंधेरे में डूब जाते हैं.
मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट : मुंगेर नगर निगम द्वारा मुंगेर-जमालपुर मुख्य मार्ग को रोशन करने के लिए लगायी गयी स्ट्रीट लाइट योजना सवालों के घेरे में आ गयी है. रविवार रात की पड़ताल में सड़क पर लगी अधिकांश लाइटें बंद मिलीं, जबकि कई जगह टिमटिमाती रोशनी ही दिखाई दी. अंधेरे के कारण राहगीरों, बाइक चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
लाखों की योजना, लेकिन सड़क पर पसरा अंधेरा
नगर निगम ने कुछ माह पहले इस व्यस्त मार्ग पर आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाकर दावा किया था कि रात के समय लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी. लेकिन अब स्थिति बिल्कुल उलट दिख रही है.रविवार रात जब मुख्य मार्ग का जायजा लिया गया तो कई पोलों की लाइटें पूरी तरह बंद मिलीं. सड़क के कई हिस्सों में घना अंधेरा पसरा रहा, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई.
यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है. खासकर जमालपुर की ओर जाने वाले यात्रियों और बाइक चालकों को काफी दिक्कत होती है.लोगों ने बताया कि अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है. रात में सफर करने वाले यात्रियों ने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल लाइट लगाना ही काफी नहीं, बल्कि उसकी नियमित मॉनिटरिंग और रखरखाव भी जरूरी है.
शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं. इसकी शिकायत भी की गयी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. नगर निगम की लापरवाही से लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है.लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि सड़कें अंधेरे में डूबी रहेंगी तो ऐसी योजनाओं का आम जनता को क्या फायदा मिलेगा.
शहरवासियों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
शहरवासियों ने मुंगेर नगर निगम प्रशासन से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है. साथ ही नियमित निगरानी और रखरखाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गयी है, ताकि लोगों को रात में सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके.