मुंगेर मॉडल सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार की रात इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. आक्रोशित परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ की, जिसके बाद चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी वहां से चले गये. बुधवार सुबह भी अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. मृतक के परिजनों और बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने प्रदर्शन कर मुआवजा, मृतक की पत्नी को नौकरी और कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की.
हंगामे का असर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर भी पड़ा. बुधवार सुबह इमरजेंसी और ओपीडी में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंचे, जिससे मरीजों का इलाज प्रभावित रहा. मंगलवार रात से बुधवार सुबह करीब 10 बजे तक इमरजेंसी वार्ड में भी चिकित्सकीय सेवा बाधित रहने की बात सामने आयी.
दो दिनों से था बुखार, अचानक बिगड़ी तबीयत
मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीताकुंड कल्याणक निवासी 30 वर्षीय धीरज कुमार के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार धीरज को दो दिनों से बुखार था. मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शाम में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया.
परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में सुई देने के बाद धीरज की हालत और बिगड़ गयी. सांस लेने में परेशानी होने पर उसे ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया, लेकिन उसमें पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी. स्वजनों का दावा है कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण धीरज की मौत हो गयी.
हालांकि, मौत के वास्तविक कारण और इलाज के दौरान कथित लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
मुआवजा और पत्नी को नौकरी देने की मांग
मृतक के स्वजनों ने बताया कि धीरज परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था. उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. इसी को लेकर परिजनों ने सरकार से मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की.
परिजनों ने घटना के लिए जिम्मेदार चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
पुलिस और बीडीओ ने समझाकर कराया शांत
हंगामे की सूचना मिलते ही बुधवार सुबह कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची. पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया. बाद में मुंगेर सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और लोगों से बातचीत की.
अधिकारियों के समझाने के बाद स्थिति शांत हुई. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
ये भी पढ़ें : मुंगेर सदर अस्पताल में मरीज की मौत के बाद बवाल, ऑक्सीजन सिलेंडर खाली होने का आरोप, इमरजेंसी में तोड़फोड़
