मुंगेर. गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ सदर प्रखंड की नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत में कटाव का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. पंचायत के वार्ड संख्या एक, दो और पांच के सीताकुंड डीह क्षेत्र में गंगा का कटाव तेज हो गया है. नदी की धारा तेजी से किनारे की जमीन को काट रही है, जिससे गंगा किनारे रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है.
10 से अधिक परिवारों के घरों पर कटाव का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार गंगा का पानी कई घरों के काफी करीब पहुंच चुका है. कटाव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. यदि नदी की धारा इसी तरह किनारे की जमीन काटती रही तो कई मकान कभी भी गंगा में समा सकते हैं. वार्ड संख्या एक के वार्ड सदस्य वीरेंद्र कुमार ने बताया कि गंगा किनारे रहने वाले उपेंद्र सिंह, बालू सिंह, अशोक सिंह, जोगी सिंह, देवकी सिंह, चांदवाली सिंह, रणजीत सिंह, वकील मंडल, कपिल सिंह, इंद्रदेव सिंह और कैलाश यादव के घरों पर कटाव का खतरा बना हुआ है.
तेजी से जमीन निगल रही गंगा की धारा
सीताकुंड डीह क्षेत्र में गंगा की धारा किनारे की जमीन को लगातार काट रही है. ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन कटाव की स्थिति पर नजर रखनी पड़ रही है. नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज धारा के कारण लोगों में अपने घर और जमीन को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है.
प्रभावित परिवारों को आशंका है कि कटावरोधी उपाय समय पर नहीं किए गए तो उन्हें अपने घर छोड़ने की नौबत आ सकती है.
डीएम ने दिया तत्काल कार्रवाई का निर्देश
कटाव की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी निखिल धनराज ने मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने सदर अंचल अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्थल निरीक्षण करने और कटाव प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने का निर्देश दिया है. डीएम ने अधिकारियों को अविलंब प्रभावी कटावरोधी कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है. डीएम के निर्देश के बाद प्रभावित ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है.
रात-दिन कटाव पर टिकी ग्रामीणों की नजर
कटाव प्रभावित परिवार अपने घर और सामान की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि दिन के साथ रात में भी कटाव की स्थिति पर नजर रखनी पड़ रही है. लोगों को डर है कि अचानक तेज कटाव होने पर घरों को बचाने का समय भी नहीं मिल पायेगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्रवाई केवल स्थल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि प्रभावित इलाके में युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य कराया जाए.
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
डीएम के निर्देश के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक टीम के स्थल निरीक्षण और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी है. लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कटावरोधी कार्य शुरू होने से कई परिवारों के घर और संपत्ति को बचाया जा सकता है.
