मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट.
Munger Ganga Bridge Alert: मुंगेर गंगा रेल सह सड़क पुल पर क्षमता से अधिक भार वाले भारी वाहनों के लगातार परिचालन से पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. रेलवे विभाग ने राज्य सरकार को कई बार पत्र लिखकर 20 टन से अधिक वजन वाले वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का अनुरोध किया है, लेकिन इसके बावजूद 30 टन से अधिक वजन वाले ट्रकों का आवागमन जारी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है.
रेलवे की चेतावनी के बावजूद जारी है ओवरलोडेड वाहनों का दबाव
जानकारी के अनुसार रेलवे विभाग ने पुल की संरचनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए साफ तौर पर भारी वाहनों के परिचालन को सीमित करने की सिफारिश की थी. रेलवे का मानना है कि लगातार अधिक भार पड़ने से पुल की उम्र और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं. इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भारी ट्रक धड़ल्ले से गुजर रहे हैं.
विक्रमशिला पुल की मरम्मत का असर अब मुंगेर पर
भागलपुर स्थित विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने और वहां मरम्मत कार्य चलने के कारण अब भारी वाहनों का दबाव तेजी से मुंगेर गंगा पुल की ओर बढ़ गया है. बड़ी संख्या में ट्रक और मालवाहक वाहन इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे दिन-रात पुल पर यातायात का दबाव बना हुआ है और कई बार जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है.
स्थानीय लोगों में बढ़ रही चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर लगातार बढ़ते भारी वाहनों के दबाव को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है. लोगों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. कई लोगों ने पुल पर नियमित मॉनिटरिंग और वजन जांच की मांग भी उठाई है.
प्रशासनिक चुप्पी पर उठ रहे सवाल
रेलवे की लगातार चेतावनी और बढ़ते खतरे के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है. यही वजह है कि लोगों के बीच चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ती जा रही हैं. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कब जागेगा और पुल की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.
Also Read: बिहार के लाल ने बनाया ऐसा प्लेटफॉर्म, जहां दिग्गज क्रिकेटर शेयर कर रहे हैं अपनी अनसुनी कहानियां, जानिए इसके बारे में
