मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्टsnake-bite
Munger Snake Bite: मुंगेर जिले के हेमजापुर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव में जहरीले कोबरा के डसने से 17 वर्षीय इंटर पास छात्र आयुष कुमार की दर्दनाक मौत हो गई. घटना सोमवार देर रात की है. इलाज के लिए परिजन उसे आनन-फानन में मुंगेर मॉडल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है.
गर्मी से बचने के लिए फर्श पर सोया था छात्र
परिजनों ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण आयुष अपने कमरे में फर्श पर सो रहा था, जबकि उसकी मां पास में पलंग पर थीं. रात करीब 1:30 बजे एक जहरीले कोबरा ने उसके कंधे पर डस लिया. सांप के बड़े दांतों के निशान भी स्पष्ट दिखाई दे रहे थे. दर्द महसूस होते ही आयुष ने अपनी मां को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही चली गई जान
परिजन तुरंत आयुष को इलाज के लिए मुंगेर मॉडल सदर अस्पताल लेकर निकले, लेकिन गांव से अस्पताल की दूरी अधिक होने के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया.
सुबह सपेरे ने पकड़ा कोबरा
मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने सपेरे को बुलाकर घर में छिपे कोबरा सांप को पकड़वाया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
इंटर पास करने के बाद आगे की पढ़ाई की थी तैयारी
Munger Snake Bite: मृतक के चचेरे भाई अमित ने बताया कि आयुष ने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी और आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रहा था. उसके पिता दिव्यांग हैं और परिवार की जिम्मेदारी में आयुष महत्वपूर्ण सहारा माना जाता था. उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
आर्थिक सहायता की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की मांग की है. उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह से झकझोर दिया है.
सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें, जानें चिकित्सकों की राय
क्या करें (तुरंत अपनाएं ये कदम)
- शांत रहें और ढांढस बंधाएं: पीड़ित व्यक्ति को घबराने न दें, क्योंकि घबराहट से दिल की धड़कन बढ़ती है और जहर शरीर में तेजी से फैलता है.
- अंगों को स्थिर रखें: जिस अंग (हाथ या पैर) पर सांप ने काटा है, उसे बिल्कुल न हिलाएं। उसे सीधा और दिल के स्तर से नीचे रखने की कोशिश करें.
- गहने और तंग कपड़े हटाएं: डंसे हुए अंग से तुरंत घड़ी, अंगूठी, चूड़ी या तंग कपड़े हटा दें, क्योंकि सूजन आने पर ये रक्तप्रवाह को रोक सकते हैं.
- घाव को साफ करें: यदि संभव हो, तो घाव को साफ पानी या साबुन से हल्के से धो लें, लेकिन उस पर दबाव न डालें.
- बिना समय गंवाएं अस्पताल भागें: मरीज को सीधे निकटतम सरकारी अस्पताल (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले जाएं, जहां एंटी-वेनम (Anti-Snake Venom) उपलब्ध हो.
क्या बिल्कुल न करें (ये गलतियां हो सकती हैं जानलेवा)
- झाड़-फूंक या मंदिर-मजार के चक्कर में न पड़ें: ओझा, गुणी, तांत्रिक या किसी मंदिर में नीर (जल) पिलाने के फेर में कीमती समय बर्बाद न करें.
- चीरा न लगाएं (कट न मारें): ब्लेड या चाकू से घाव पर चीरा लगाने की गलती बिल्कुल न करें, इससे संक्रमण और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है.
- मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें: फिल्मों की तरह मुंह से जहर खींचने (सक्शन) का प्रयास न करें, इससे चूसने वाले की जान को भी खतरा हो सकता है.
- कसकर पट्टी या डोरी न बांधें (टूर्निकेट): पुराने तरीकों की तरह अंग को रस्सी या कपड़े से अत्यधिक कसकर न बांधें, इससे उस हिस्से का रक्तसंचार पूरी तरह बंद हो सकता है और अंग सड़ सकता है.
- कोई दवा या जड़ी-बूटी न दें: डॉक्टर की सलाह के बिना मरीज को कोई भी घरेलू नुस्खा, जड़ी-बूटी या दर्द निवारक दवा (जैसे एस्पिरिन) न खिलाएं.
