15 अप्रैल तक आउटसोर्सिंग कर्मियों को भुगतान नहीं करने पर एमयू देगा बकाया मानदेय

मुंगेर विश्वविद्यालय में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए सिंडिकेट बैठक का निर्णय राहत के साथ परेशानी भी देने वाला है.

चार किस्तों में बकाया मानदेय देगा मुंगेर विश्वविद्यालय

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए सिंडिकेट बैठक का निर्णय राहत के साथ परेशानी भी देने वाला है. क्योंकि विश्वविद्यालय सरकार से निर्धारित दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के दर से एक माह का भुगतान एजेंसी को करेगा. जिसके बाद एजेंसी कर्मियों को एक माह का भुगतान सरकार के निर्धारित दर से करेगी. यदि एजेंसी कर्मियों को भुगतान नहीं करती है तो विश्वविद्यालय प्रशासन 15 अप्रैल के बाद चार किस्तों में 16 माह का बकाया मानदेय सीधे आउटसोर्सिंग कर्मियों के खाते में देगा. साथ ही एजेंसी को भी बदला जायेगा. हालांकि अब ऐसे में आउटसोर्सिंग कर्मियों को एजेंसी से करार किये गये निर्धारित दर से कम मानदेय मिलेगा, जो कर्मियों के लिए परेशानी भरा होगा.

विदित हो कि 28 मार्च को विश्वविद्यालय में सिंडिकेट की बैठक आयोजित की गयी थी. जबकि 29 मार्च को सीनेट की बैठक हुई. दोनों बैठकों में आउटसोर्सिंग कर्मियों के लंबे बकाये मानदेय भुगतान का मुद्दा छाया रहा. हालांकि सिंडिकेट बैठक के निर्णय पर सीनेट में भी सदस्यों ने स्वीकृति दे दी है.

सरकार के निर्धारित दर से मिलेगा मानदेय

निर्णय के अनुसार एलाइट फैल्कॉन एजेंसी से वार्ता करने के बाद विश्वविद्यालय बिहार सरकार द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के लिए निर्धारित दर पर एक माह का भुगतान एजेंसी को करेगी, ताकि आउटसोर्सिंग कर्मियों के एक माह का वेतन भुगतान बिहार सरकार द्वारा निर्धारित दर से उनके खाते में एजेंसी द्वारा किया जायेगा. हालांकि एजेंसी कर्मियों को भुगतान नहीं करती है तो विश्वविद्यालय 15 अप्रैल के बाद चार किस्तों में 16 माह का लंबित मानदेय सीधे आउटसोर्सिंग कर्मियों के खाते में देगा. साथ ही तत्कालिक व्यवस्था पर तीन माह के लिए दूसरी एजेंसी से भुगतान कराया जायेगा और तीन माह के अंदर टेंडर प्रक्रिया के तहत विश्वविद्यालय नये एजेंसी के साथ करार करेगा.

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By AMIT JHA

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