मुंगेर. 17 माह के बकाये मानदेय भुगतान की मांग को लेकर 15 मई से हड़ताल पर गये मुंगेर विश्वविद्यालय के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने विश्वविद्यालय द्वारा चार माह के मानदेय भुगतान के बाद हड़ताल समाप्त कर दिया. इसके बाद बुधवार को आउटसोर्सिंग कर्मी अपने कार्य पर वापस लौट गये हैं. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने बताया कि उनलोगों का 17 माह का मानदेय भुगतान बकाया है. विश्वविद्यालय द्वारा चार माह के मानदेय की राशि बैंक को दी गयी है. हालांकि, बुधवार तक आउटसोर्सिंग कर्मियों के खाते में राशि नहीं आयी है, लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा मानदेय भुगतान किये जाने के बाद आउटसोर्सिंग कर्मियों द्वारा हड़ताल समाप्त कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि अब भी उनलोगों के 13 माह का मानदेय बकाया है. इसे लेकर भी विश्वविद्यालय द्वारा भुगतान किये जाने का आश्वासन दिया है. बता दें कि 17 माह के मानदेय भुगतान को लेकर एमयू के 78 आउटसोर्सिंग कर्मी 15 मई को हड़ताल पर चले गये थे. इस कारण विश्वविद्यालय को कई शैक्षणिक प्रक्रियाएं स्थगित करनी पड़ गयी. इस बीच हड़ताल के दौरान आउटसोर्सिंग कर्मियों द्वारा मंगलवार को विश्वविद्यालय में तालाबंदी भी कर दी गयी थी. जिसके बाद कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय का भुगतान कर दिया है. साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मियों द्वारा मानदेय भुगतान के बाद हड़ताल भी समाप्त कर दिया है.
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