मुंगेर विश्वविद्यालय ने वित्तीय पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने स्थापना काल के आठ वर्षों में पहली बार कुलपति, अधिकारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को टीडीएस से संबंधित फॉर्म-16 उपलब्ध कराया है. इससे विश्वविद्यालय को आयकर विभाग की ओर से लगने वाले जुर्माने से भी राहत मिली है. मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय के आठ वर्षों के इतिहास में पहली बार कुलपति, कुलसचिव, अधिकारियों व सेवानिवृत्त कर्मियों समेत कुल 82 लोगों को आयकर के तहत टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) से संबंधित फॉर्म-16 उपलब्ध कराया गया है. गुरुवार को कुलसचिव डॉ घनश्याम राय ने कुलपति प्रो संजय कुमार को फॉर्म-16 सौंपा. कुलसचिव डॉ राय ने बताया कि कुलपति प्रो संजय कुमार के मार्गदर्शन में यह कार्य पहली बार संभव हो पाया है. विश्वविद्यालय में जिन अधिकारियों व सेवानिवृत्त कर्मियों का टीडीएस कटता है, उन्हें अब नियमित रूप से फॉर्म-16 उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पूर्व में फॉर्म-16 जारी नहीं होने के कारण विश्वविद्यालय को कई बार आयकर विभाग की ओर से जुर्माना भुगतना पड़ा था, जिससे आर्थिक नुकसान भी हुआ. अब फॉर्म-16 वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित होने से विश्वविद्यालय को ऐसे दंड से मुक्ति मिल गयी है. कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन वित्तीय मामलों को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है, ताकि शिक्षकों, कर्मियों व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. कुलपति प्रो संजय कुमार ने कहा कि मुंगेर विश्वविद्यालय ने हाल ही में उपयोगिता प्रमाण-पत्र के मामले में भी क्लीन चिट प्राप्त की है. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय राज्य का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन चुका है, जिसने कुलाधिपति के निर्देशानुसार सक्षम पोर्टल के माध्यम से स्नातक नये सत्र में नामांकन प्रक्रिया शुरू की है.
एमयू के आठ वर्षों में पहली बार कुलपति समेत 82 अधिकारियों व सेवानिवृत्तों को मिला फॉर्म-16
एमयू के आठ वर्षों में पहली बार कुलपति समेत 82 अधिकारियों व सेवानिवृत्तों को मिला फॉर्म-16
