माताडीह एचडब्ल्यूसी : 75 लाख खर्च के बाद भी भवन में न खिड़की, न ही वायरिंग

माताडीह गांव में एनक्वास के नाम पर बना स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीणों के लिए साबित हो रहा हाथी का दांत

ड्यूटी के नाम पर माइनेज सिस्टम हावी, स्वास्थ्यकर्मियों की कटती है चांदी

धरहरा. सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव कर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर रही है. हाल ही में खड़गपुर में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन धरहरा प्रखंड के माताडीह गांव में एनक्वास के नाम पर बना स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीणों के लिए हाथी का दांत साबित हो रहा है. केंद्र में न तो दरवाजा है और न ही खिड़की. यहां अच्छी स्वास्थ्य सुविधा लोगों के लिए सपना बना हुआ है.

75 लाख स्वीकृत, 90% भुगतान, फिर भी नहीं लगे हैं दरवाजे व खिड़की

माताडीह एचडब्ल्यूसी को एनक्वास मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए करीब 75 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं. 90 प्रतिशत राशि खर्च भी कर दी गयी, लेकिन एचडब्ल्यूसी में न तो दरवाजा का पता है और न ही खिड़की का. इतना ही नहीं भवन में बिजली तो पहुंचा दी गयी है, लेकिन कमरे में न तो बोर्ड लगाया गया है और न ही स्विच. ऐसे में शाम होते ही इस नवनिर्मित भवन में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है. इलाज के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है. खासकर गर्भवती महिलाओं को जांच में भारी परेशानी हो रही है.

बिजली है तो वायरिंग नहीं, बोरिंग है तो पाइप की फिटिंग नहीं

ग्रामीण अमित कुमार, छोटू कुमार, अरुण साव, पूनम देवी आदि ने कहा कि यह अस्पताल अपने आप में अनोखा मॉडल बन गया है. नये भवन में बिजली तो पहुंचा दी गयी है, लेकिन बिजली के लिए बोर्ड तक नहीं लगाया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि एनक्वास के तहत स्वच्छ पेयजल अनिवार्य शर्त है, लेकिन एचडब्ल्यूसी में पानी की एक बूंद तक उपलब्ध नहीं है. बोरिंग कर दी गयी है, लेकिन पाइप व टंकी की व्यवस्था नहीं की गयी है. ग्रामीणों का आरोप है कि सुविधाओं की कमी के कारण यहां मरीज कम आते हैं. यहां स्वास्थ्यकर्मियों की भी बल्ले-बल्ले रहती है. यहां ड्यूटी कम व मैनेज सिस्टम ज्यादा काम करता है. ग्रामीणों ने नवपदस्थापित सिविल सर्जन डॉ राजू से उम्मीद की है कि एनक्वास के नाम पर बने इस अस्पताल को सिर्फ सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि वास्तविक इलाज का केंद्र बनाया जायेगा.

कहते हैं चिकित्सा पदाधिकारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ अविनाश कुमार ने बताया कि संबंधित समस्या के संदर्भ में विभाग को अवगत कराया गया है. दिशा-निर्देश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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