आसक्ति से बचने के लिए सुने आत्मा की आवाज

आसक्ति से बचने के लिए सुने आत्मा की आवाज

मुंगेर. साहित्यिक संस्था साहित्य प्रहरी की गोष्ठी मंगल बाजार स्थित संस्था के अध्यक्ष यदुनन्दन झा द्विज के आवासीय परिसर में उनकी ही अध्यक्षता में हुई. जिसका संचालन शिवनन्दन सलिल ने किया. जिसमें साहित्यकार यदुनंदन झा द्विज रचित काव्य अर्जुनमोह पर जहां चर्चा हुई, वहीं भव्य कवि गोष्ठी में कवियों ने एक से बढ़ कर एक कविता का पाठ किया. कार्यक्रम के प्रथम चरण में यदुनंदन झा द्विज रचित काव्य “अर्जुन मोह ” पर चर्चा हुई. जिसमें मुख्यवक्ता अवकाश प्राप्त आरडीडी कुंदन थे. वक्ताओं ने कहा कि आज हर मानव किसी न किसी मोह से ग्रस्त है. उस मोह से आत्मा रूपी कृष्ण की आवाज सुन कर बचा जा सकता है. कार्यक्रम के दूसरे चरण में कवि गोष्ठी हुई. जिसमें अलख निरंजन कुशवाहा, किरण शर्मा, कुमकुम सिन्हा, विजेता मुद्गलपुरी, यदुनंदन झा द्विज, शिवनंदन सलिल, एहतेशाम आलम, ज्योति कुमारी सिन्हा, कुंदन कुमार, सुनील सिन्हा, अशोक शर्मा, घनश्याम पोद्दार, कुमार विजय गुप्त, अब्दुल्ला बुखारी, मधुसूदन आत्मीय, प्रमोद कुमार निराला, हेमंत पार्थे, मो जुबैर, हरिशंकर सिंह, निवास कुमार ने अपनी-अपनी कविता का पाठ किया. मौके पर प्रो जयप्रकाश नारायण, प्रकाश सिन्हा, प्रो श्यामदेव सिन्हा, प्रभात मिलिंद, विजय पोद्दार सहित अन्य मौजूद थे.

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Published by: Birendra kumar sing

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