अस्पताल की जगह निजी नर्सिंग होम में गर्भवती के प्रसव मामले की होगी जांच
सदर अस्पताल में बढ़ते दलालों के दखल और अस्पताल में आयी गर्भवती को निजी नर्सिंग होम लेकर जाकर वहां उसका प्रसव कराने के मामले की जांच के लिए विभागीय निर्देश के बाद सिविल सर्जन डॉ राजू ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया
By AMIT JHA | Updated at :
मुंगेर.
सदर अस्पताल में बढ़ते दलालों के दखल और अस्पताल में आयी गर्भवती को निजी नर्सिंग होम लेकर जाकर वहां उसका प्रसव कराने के मामले की जांच के लिए विभागीय निर्देश के बाद सिविल सर्जन डॉ राजू ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. जो मामले की जांच कर अपना रिर्पोट सिविल सर्जन को देगी.प्रभात खबर ने इसको लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था. जिसमें बताया गया था कि पूरबसराय दुर्गा स्थान निवासी विक्की कुमार की पत्नी दुर्गा कुमारी को प्रसव पीड़ा के बाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच में उसका प्लेटलेटस कम होने के कारण महिला चिकित्सक ने दो यूनिट प्लेटलेटस चढ़ाया और उसकी स्थिति गंभीर देख उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया. परिजनों के अनुसार रेफर होने के बाद वहां मौजूद आशा और एक स्वास्थ्यकर्मी ने उन्हें डराया कि बाहर जाने पर बहुत खर्च होगा और वे कम खर्च में इलाज का झांसा देकर गर्भवती को बड़ी बाजार स्थित जन कल्याण अस्पताल ले गये. जहां गर्भवती दुर्गा कुमारी का ऑपरेशन किया गया. मामला तब सामने आया जब इस निजी नर्सिंग होम ने दो यूनिट खून की मांग की और परिजन वापस सदर अस्पताल पहुंचे थे.
मामले की जांच करेगी तीन सदस्यीय टीम
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनायी गयी है. जिसमें डॉ रमन कुमार, डॉ निरंजन और डॉ के रंजन शामिल हैं. टीम को निर्देशित किया गया है कि गर्भवती को अस्पताल से जिस आशा और स्वास्थ्यकर्मी द्वारा निजी नर्सिंग होम ले जाया गया. उसकी जांच कर रिर्पोट देंगे. सिविल सर्जन ने बताया कि जांच कमिटी की रिर्पोट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी.