भैंस चराने के विवाद में हत्याकांड के दोषी धर्मेंद्र को आजीवन कारावास

निर्णय सुनने नंगे पांव पहुंचीं थी दोषी की पत्नी, सजा सुनते ही फफक कर रो पड़ी

मुंगेर. मुंगेर के अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय रुम्पा कुमारी ने वर्ष 2021 में खेत में भैंस चराने के विवाद में जरवन पटेल के हत्या मामले में गुरुवार को धर्मेन्द्र पटेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अभियुक्त की पत्नी भी नंगे पांव निर्णय सुनने कोर्ट आई थी, निर्णय सुनने के बाद वह फफक-फफक कर रोने लगी.

सत्रवाद संख्या 55/2022 में सजा के बिन्दुओं पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता के इस दलील को नजरंदाज कर दिया गया कि अभियुक्त का इरादा हत्या करने का नहीं था. इस वजह से कम सजा दी जाय. जबकि अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने आजीवन कारावास सजा सुनाने की दलील दी. जिसके बाद न्यायालय ने हरिणमार थाना क्षेत्र के कारे मंडल टोला गांव के दोषी धमेंद्र पटेल को हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई एवं पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया. मारपीट करने के मामले में एक वर्ष की सजा सुनाई गई. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी. विदित हो कि इस मामले में अभियुक्त 9 अगस्त 2021 से जेल में बंद हैं तथा 29 अप्रैल 2025 को दोषी करार दिया गया था. अभियोजन पक्ष से एपीपी सरोज कुमार ने बहस में भाग लिया.

9 अगस्त 2021 को हुई थी जरवन मंडल की हत्या

घटना के संबंध मे एपीपी ने बताया कि 9 अगस्त 2021 को जरवन मंडल जब खेत पर पहुंचा तो उसके खेत में उसके पड़ोसी का भैंस फसल को नुकसान पहुंचा रहा था. जरवन मंडल जब भैंस भगाने लगा तो इसी दौरान चार अभियुक्त खेत में पहुंचा एवं मारपीट की. अभियुक्त धर्मेन्द्र मंडल ने लोहे के रड से जरवन मंडल के सर पर मार कर लहुलुहान कर दिया. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इलाज के दौरान खगड़िया सदर अस्पताल में उसकी मौत हो गयी थी. इस मामले में अन्य सेशन वाद संख्या 280/2022 विचाराधीन है. जिसमें अरविंद पटेल, गोविंद पटेल एवं ललित पटेल के विरुद्ध में अनुसंधान जारी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Birendra kumar sing

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >