नामांकन शुल्क नहीं फिर भी 235.40 रुपये वसूली, मुंगेर यूनिवर्सिटी में ₹200 पर ₹35.40 गेटवे चार्ज क्यों?

मुंगेर विश्वविद्यालय में सत्र विलंब और रिजल्ट की गड़बड़ी से परेशान छात्र अब अतिरिक्त शुल्क से जूझ रहे हैं. स्नातक सेमेस्टर-4 और 6 के नामांकन में विलंब शुल्क के साथ गेटवे चार्ज की वसूली छात्रों के लिए चिंता का विषय बन गई है.

मुंगेर विश्वविद्यालय में अनियमित सत्र और रिजल्ट में त्रुटियों से परेशान विद्यार्थियों की मुश्किलें कम होने के बजाय अब अतिरिक्त शुल्क ने चिंता बढ़ा दी है. विश्वविद्यालय ने स्नातक सेमेस्टर-4 और सेमेस्टर-6 में नामांकन से वंचित विद्यार्थियों को दोबारा मौका दिया है, लेकिन इसके लिए निर्धारित विलंब शुल्क के साथ गेटवे चार्ज भी लिया जा रहा है. खास बात यह है कि सभी कोटि की छात्राओं सहित एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं से नामांकन शुल्क नहीं लिया जाना है, फिर भी उन्हें नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ रहा है.

200 रुपये के विलंब शुल्क पर 35.40 रुपये गेटवे चार्ज

एमयू ने मंगलवार से सत्र 2024-28 स्नातक सेमेस्टर-4 और सत्र 2023-27 स्नातक सेमेस्टर-6 में नामांकन के लिए पोर्टल दोबारा खोल दिया है. पूर्व में नामांकन से वंचित विद्यार्थी 1 से 5 सितंबर तक 200 रुपये विलंब शुल्क के साथ नामांकन करा सकते हैं.

विश्वविद्यालय की सूचना के अनुसार सभी कोटि की छात्राओं और एससी-एसटी कोटि के छात्र-छात्राओं से नामांकन शुल्क नहीं लिया जाना है. लेकिन दस्तावेज सत्यापन के बाद उन्हें 200 रुपये विलंब शुल्क जमा करना होगा. ऑनलाइन भुगतान के दौरान 35.40 रुपये गेटवे शुल्क भी जुड़ रहा है. इस तरह विद्यार्थियों को कुल 235.40 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है.

विलंब शुल्क का करीब 18 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान

विद्यार्थियों की परेशानी इस बात को लेकर है कि केवल 200 रुपये के विलंब शुल्क पर 35.40 रुपये गेटवे चार्ज लगाया जा रहा है. यह राशि विलंब शुल्क की करीब 18 प्रतिशत बैठती है. ऐसे में नामांकन शुल्क से राहत मिलने के बावजूद ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया विद्यार्थियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है.

विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में पहले से ही सत्र विलंब और रिजल्ट संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है. ऐसे में नामांकन प्रक्रिया को सरल और कम खर्चीला बनाया जाना चाहिए.

एजेंसी के अनुबंध का हवाला दे रहा विश्वविद्यालय

गेटवे चार्ज को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह राशि उसकी ओर से निर्धारित विलंब शुल्क का हिस्सा नहीं है. विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. सूरज कोनार ने बताया कि सभी कोटि की छात्राओं सहित एससी-एसटी कोटि के छात्र-छात्राओं से नामांकन के लिए विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित 200 रुपये का ही विलंब शुल्क लिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन भुगतान के दौरान लिया जा रहा 35.40 रुपये का गेटवे चार्ज विश्वविद्यालय और संबंधित एजेंसी के बीच निर्धारित अनुबंध के अनुसार लिया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By अमित झा

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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