असरगंज (मुंगेर) से हिमांशु कुमार सिंह की रिपोर्ट
Kanwar Yatra: जेठ पूर्णिमा पर सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले डाक कांवरिया और साधारण कांवरियों की भीड़ सोमवार को कांवरिया पथ पर उमड़ पड़ी. इस दौरान खगड़िया जिले के गोलू बम अपनी अनोखी भक्ति के कारण चर्चा का विषय बने रहे. उन्होंने कंधे पर गंगाजल के साथ तार से निर्मित लगभग चार फीट का पंखा रखा था, जिसे वे देवघर पहुंचकर बाबा भोलेनाथ की सेवा में समर्पित करेंगे.
अनोखी कांवर ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
कांवरिया पथ पर चलते गोलू बम की कांवर हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी रही. श्रद्धालु और राहगीर रुककर उनकी अनूठी भक्ति को देखते रहे. कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं. कांवर यात्रा में इस तरह की अनोखी प्रस्तुति ने पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल बना दिया.
बाबा की सेवा के लिए लेकर जा रहे हैं पंखा
Kanwar Yatra: गोलू बम ने बताया कि उन्होंने लोहे के तार से करीब चार फीट का पंखा तैयार कराया है. उमस भरी गर्मी में बाबा बैद्यनाथ की सेवा के लिए इस पंखे से चंवर डुलाने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि उनकी टोली प्रत्येक पूर्णिमा पर अलग-अलग स्वरूप में बाबा की भक्ति करते हुए सुल्तानगंज से देवघर तक पैदल यात्रा करती है.
कष्ट सहकर जल अर्पित करना ही कांवर यात्रा का सार
श्रद्धालुओं ने कहा कि कांवर यात्रा का वास्तविक उद्देश्य कठिनाइयों को सहते हुए भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करना है. पैदल यात्रा, अनुशासन और श्रद्धा के साथ की गई यह यात्रा शिवभक्तों के लिए आस्था और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है.
श्रावणी मेले से पहले बढ़ने लगी श्रद्धालुओं की संख्या
हालांकि इस वर्ष श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होगा, लेकिन प्रत्येक महीने की पूर्णिमा पर भी बड़ी संख्या में डाक कांवरिया और साधारण कांवरिया सुल्तानगंज से जल भरकर बाबा धाम के लिए रवाना होते हैं. सोमवार को भी कांवरिया पथ पर शिवभक्तों की लंबी कतारें और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
