Shravani Mela : श्रावणी मेले के तीसरे दिन कच्ची कांवरिया पथ पूरी तरह शिवभक्तों से भर गया. सुल्तानगंज से बाबा नगरी देवघर तक जाने वाला पूरा मार्ग 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा. बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी वर्ग के श्रद्धालु कठिन रास्ते की परवाह किए बिना बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए निरंतर आगे बढ़ते नजर आए.
आकर्षक कांवर बनी श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण
इस बार कांवरियों की रंग-बिरंगी और आकर्षक कांवर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है. त्रिशूल, चंद्र कला, घंटियों और विभिन्न धार्मिक प्रतीकों से सजी कांवर श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को और भी खास बना रही है. कंकड़-पत्थरों से भरे रास्ते और लंबी पैदल यात्रा की थकान भी शिवभक्तों के चेहरे पर दिखाई नहीं दे रही, बल्कि हर कदम पर केवल भक्ति और आनंद का भाव झलक रहा है.
सेवा समितियां बन रही हैं शिवभक्तों का सहारा
कांवरियों की कठिन यात्रा को आसान बनाने के लिए कच्ची कांवरिया पथ पर विभिन्न सेवा समितियां पूरी निष्ठा से सेवा कार्य में जुटी हैं. जगह-जगह लगाए गए निःशुल्क शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए गर्म पानी, नींबू पानी, प्राथमिक उपचार, दर्द से राहत के लिए मालिश और फलाहार की व्यवस्था की गई है. इन सेवाओं से हजारों शिवभक्तों को यात्रा के दौरान बड़ी राहत मिल रही है.
भक्ति और सेवा से शिवमय हुआ पूरा मार्ग
श्रावणी मेले के दौरान कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. एक ओर शिवभक्त 'बोल बम' का जयघोष करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर सेवा समितियों के स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से उनकी सेवा में लगे हैं. यही समर्पण और श्रद्धा श्रावणी मेले को देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में विशेष पहचान दिलाती है.
