जमालपुर के मुंगरौड़ा चौक से रेलवे अंडरब्रिज तक रोजाना जाम, पुलिस और यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल

Jamalpur Traffic Jam: डीडी तुलसी रोड जमालपुर का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है. इसी सड़क से नगर परिषद क्षेत्र के अलावा रामनगर, बांक समेत जमालपुर प्रखंड की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के लोग आवागमन करते हैं. सुबह होते ही इस मार्ग पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है.

मुंगेर के जमालपुर से विजय कुमार गुप्ता की रिपोर्ट:

Jamalpur Traffic Jam: ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र के मुंगरौड़ा चौक से 212 नंबर रेलवे अंडरब्रिज तक प्रतिदिन लगने वाले जाम से आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और यातायात विभाग की उदासीनता के कारण यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. सुबह के समय जाम की स्थिति बनने से राहगीरों, रेलकर्मियों और स्कूली बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

महत्वपूर्ण मार्ग पर सुबह से ही लग जाता है जाम

डीडी तुलसी रोड जमालपुर का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है. इसी सड़क से नगर परिषद क्षेत्र के अलावा रामनगर, बांक समेत जमालपुर प्रखंड की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के लोग आवागमन करते हैं. सुबह होते ही इस मार्ग पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है.

स्थानीय लोगों के अनुसार रेल इंजन कारखाना जमालपुर, भारतीय रेलवे यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (इरिमी), प्रखंड सह अंचल कार्यालय, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, नोट्रेडेम एकेडमी, ईस्ट कॉलोनी थाना सहित कई निजी विद्यालयों तक पहुंचने का यह प्रमुख मार्ग है. सुबह 6:30 बजे से ही रेलकर्मियों और अन्य लोगों का आवागमन शुरू हो जाता है, जिससे सड़क पर दबाव बढ़ जाता है.

नो-एंट्री के बावजूद प्रवेश कर रहे बड़े वाहन

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन के समय भी बालू और गिट्टी लदे बड़े वाहनों का इस मार्ग पर प्रवेश जारी रहता है. सड़क संकरी होने के कारण जब दो बड़े वाहन आमने-सामने आ जाते हैं तो लंबा जाम लग जाता है.

लोगों का कहना है कि नो-एंट्री नियम लागू होने के बावजूद बड़े वाहनों की आवाजाही पर न तो यातायात विभाग अंकुश लगा पा रहा है और न ही स्थानीय पुलिस प्रभावी कार्रवाई कर रही है. इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

अतिक्रमण ने बढ़ाई समस्या

सड़क के दोनों किनारों पर सब्जी विक्रेताओं और ठेला चालकों द्वारा किए गए अतिक्रमण ने स्थिति को और जटिल बना दिया है. सड़क की चौड़ाई कम होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और जाम की समस्या बढ़ती जा रही है.

अतिक्रमण हटाओ अभियान पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले महीने नगर परिषद द्वारा चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रभावी साबित नहीं हुआ. उनका आरोप है कि अभियान के दौरान केवल सड़क के ऊपर लगे पोस्टर, बैनर और शेड हटाए गए, जबकि सड़क पर किए गए वास्तविक अतिक्रमण को नहीं हटाया गया.

लोगों का कहना है कि यदि सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को पूरी तरह नहीं हटाया गया और बड़े वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है.

समाधान की मांग

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद, यातायात विभाग और पुलिस प्रशासन से संयुक्त कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि बड़े वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई जाए तथा सड़क किनारे के अतिक्रमण को हटाकर आवागमन को सुगम बनाया जाए, ताकि आम लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके.

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Published by: Shruti Kumari

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