Jamalpur Flood: मानसून के दौरान बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की नहीं होती, बल्कि गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों तक समय पर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना भी होती है. इसी संभावित चुनौती को देखते हुए जमालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है.
पीएचसी जमालपुर में संभावित बाढ़ और गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक पासवान ने की. इस दौरान बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने और गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज उपलब्ध कराने को लेकर रणनीति तैयार की गयी.
बाढ़ में सबसे ज्यादा जोखिम गर्भवती महिलाओं और नवजातों को
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक पासवान ने कहा कि बाढ़ के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के सामने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाता है. सड़क और आवागमन बाधित होने की स्थिति में अस्पताल तक पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को किसी भी आपात स्थिति से पहले तैयार रहना जरूरी है.
उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों यानी सीएचओ को अपने-अपने क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की सूची अपडेट करने का निर्देश दिया. इससे जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग को यह जानकारी तत्काल मिल सकेगी कि किस क्षेत्र में कितनी गर्भवती महिलाएं हैं और किन महिलाओं को विशेष निगरानी की आवश्यकता है.
गांवों में दवा से लेकर क्लोरीन की गोली तक रहेगी उपलब्ध
बैठक में बाढ़ प्रभावित होने वाले संभावित गांवों में जरूरी चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया. स्वास्थ्य अधिकारियों को दवाइयों के साथ जीवन रक्षक घोल, क्लोरीन की गोली और अन्य आवश्यक मेडिकल सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया.
बाढ़ के दौरान दूषित पानी के कारण जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है.
आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर करेंगी जागरूक
बाढ़ की स्थिति में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए आशा कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है. आशा कार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर लोगों को साफ पानी के इस्तेमाल, स्वच्छता और जल जनित रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करेंगी.
स्वास्थ्य विभाग का जोर सिर्फ बीमारी का इलाज करने पर नहीं, बल्कि बाढ़ के दौरान संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने पर भी रहेगा.
आपात स्थिति में 24 घंटे उपलब्ध रहेगी एंबुलेंस
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी. बाढ़ के कारण किसी मरीज को इलाज के लिए परेशानी नहीं हो, इसके लिए विभाग की ओर से अतिरिक्त दवाइयों और स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था की जा रही है.
खासकर प्रसव पीड़ा शुरू होने या किसी गर्भवती महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने की स्थिति में समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता रहेगी.
Jamalpur Flood: पहले से तैयारी पर स्वास्थ्य विभाग का जोर
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाढ़ के दौरान पैदा होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए अंतिम समय का इंतजार नहीं किया जा सकता. गर्भवती महिलाओं की सूची, जरूरी दवाइयों का स्टॉक, स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता और एंबुलेंस सेवा को पहले से व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया.
बैठक में निखिल राज, सुशील, स्वास्थ्य प्रबंधक शिव प्रकाश सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और आशा कार्यकर्ता मौजूद थीं.
