Jamalpur Asha Selection: जमालपुर प्रखंड में आशा कार्यकर्ताओं के चयन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब इंदरुख पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या-9 में आशा कार्यकर्ता के चयन को लेकर शिकायत सामने आयी है. यहां वर्ष 2011 से काम कर रहीं आशा कार्यकर्ता राजलक्ष्मी ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि बिना आमसभा के ही दूसरी आशा कार्यकर्ता का चयन कर दिया गया.
राजलक्ष्मी ने अपने आवेदन में चयन प्रक्रिया की जांच कराने और नवनिर्वाचित आशा कार्यकर्ता का चयन रद्द करने की मांग की है. उन्होंने इस मामले में बीसीएम आशुतोष की भूमिका पर भी सवाल उठाये हैं.
2011 से कर रही हूं काम, दो बार मिल चुका सम्मान
जिलाधिकारी को दिये आवेदन में राजलक्ष्मी ने बताया है कि वह वर्ष 2011 से वार्ड संख्या-9 में आशा कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं. उनके अनुसार, कार्य के दौरान बेहतर प्रदर्शन के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से उन्हें दो बार पुरस्कृत किया जा चुका है.
पूर्व जिलाधिकारी की ओर से भी सम्मानित किये जाने का उल्लेख उन्होंने आवेदन में किया है. उनका कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में काम करने के बावजूद अब उसी वार्ड में दूसरी आशा का चयन कर दिया गया.
आंगनबाड़ी केंद्र में चयन पर उठाया सवाल
राजलक्ष्मी के अनुसार, वार्ड संख्या-9 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-217 में नई आशा कार्यकर्ता का चयन किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह चयन आमसभा के माध्यम से नहीं हुआ.
उन्होंने आवेदन में चयनित नयी आशा कार्यकर्ता का नाम भी बताया है और जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है.
राजलक्ष्मी का कहना है कि यदि चयन प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं हुई है तो इसे रद्द किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि इससे भविष्य में अपने क्षेत्र में काम करने में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा.
हालांकि, लगाए गये आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार हुई थी या नहीं.
पहले से गठित है तीन सदस्यीय जांच टीम
आशा बहाली में गड़बड़ी की शिकायतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पहले ही जांच की दिशा में कदम उठा चुका है. सिविल सर्जन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है.
समिति में डॉ. के रंजन, डॉ. निरंजन कुमार और निखिल राज को शामिल किया गया है. समिति को एक पखवाड़े के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
जांच टीम जमालपुर प्रखंड में आशा चयन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी. इसके अलावा आमसभा आयोजित होने, चयन की प्रक्रिया और सामने आयी अन्य शिकायतों की भी पड़ताल की जायेगी.
20 सूत्री की बैठक में भी उठा था मामला
आशा चयन में कथित गड़बड़ी का मुद्दा जमालपुर प्रखंड 20 सूत्री क्रियान्वयन समिति की बैठक में भी उठ चुका है.
बैठक में समिति के अध्यक्ष मुनीलाल मंडल ने सिविल सर्जन से आशा बहाली की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि चयन प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका रही और 50 हजार से एक लाख रुपये तक के लेनदेन के आरोपों के बीच मेरिट की अनदेखी तथा कथित फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर चयन किये जाने की शिकायतें सामने आयी हैं.
इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
Jamalpur Asha Selection: जांच रिपोर्ट से खुलेगा चयन प्रक्रिया का राज
इंदरुख पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या-9 की नयी शिकायत सामने आने के बाद आशा चयन को लेकर चल रही जांच और महत्वपूर्ण हो गयी है. एक तरफ वर्षों से काम कर रहीं आशा कार्यकर्ता ने बिना आमसभा चयन का आरोप लगाया है, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही व्यापक शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित कर रखी है.
अब जांच टीम के सामने चयन से संबंधित दस्तावेज, आमसभा की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच चुनौती होगी. रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
