मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय से गायब एप्पल के दो मोबाइल और एक लैपटॉप में एक मोबाइल और एक लैपटॉप भले ही नाटकीय अंदाज में वापस आ गया हो. लेकिन एमयू के इस चर्चित मामले में बनी जांच कमेटी की रिर्पोट सवालों के घेरे में आ गया है. मामले की जांच के लिये बनी कमेटी द्वारा न तो इस मामले में किसी संबंधित कर्मियों के साथ पत्रचार किया गया और न ही उनसे उनका पक्ष लिया गया. हद तो यह रही कि जांच कमेटी की रिर्पोट के आधार पर विश्वविद्यालय के लीगल सेल द्वारा भी तीन कर्मियों पर एफआईआर की अनुशंसा कर दी गयी. बता दें कि 2023 में कुलसचिव कर्नल विजय कुमार ठाकुर द्वारा नवंबर माह में स्टोर की जांच के दौरान इस मामले को उजागर किया था. साथ ही इस मामले से कुलपति को अवगत कराया गया. हलांकि सरकारी मोबाइल और लैपटॉप को ससमय वापस लाने के बदले एमयू इस मामले में गलती करने वाले कर्मियों को ढुंढ़ने के लिये जांच कमेटी बना दी. कमेटी द्वारा लगभग दो माह बाद अपनी रिर्पाेट विश्वविद्यालय को दी गयी. लेकिन पूरे जांच के दौरान कमेटी द्वारा तत्कालीन स्टोर इंचार्ज या तत्कालीन कुलपति व कुलसचिव के पीए रहे कर्मियों से न तो कोई पत्राचार किया और न ही उनसे उनका पक्ष जाना गया. जबकि नियमानुसार जांच कमेटी द्वारा संबंधित कर्मियों का पक्ष भी जानना था. कमेटी की रिर्पोट को विश्वविद्यालय द्वारा अपने लीगल सेल में भेजा गया. जहां रिर्पोट के आधार पर तीन कर्मियों पर एफआईआर करने की अनुशंसा कर दी गयी. इधर रहस्यमय ठंग से एक मोबाइल और एक लैपटॉप भले ही वापस आ चुका हो, लेकिन एक एप्पल का मोबाइल अब भी गायब है. शायद उसके भी नाटकीय ढ़ंग से विश्वविद्यालय आने का इंंतजार एमयू प्रशासन कर रहा हो. अब इस मामले में जांच कमेटी के अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे.
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