मुंगेर. सदर अस्पताल में लगातार बाहरी लोगों का दखल बढ़ता जा रहा है. इसके कारण आये दिन अस्पताल में दलाली व मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किये जाने या मरीजों को बरगलाकर निजी अस्पताल ले जाने का मामला सामने आता है. हालांकि इसका सबसे बड़ा कारण सदर अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी है. बता दें कि सालों से सदर अस्पताल में जहां ड्रेसर का स्वीकृत छह पद पूरी तरह रिक्त पड़ा है, जबकि चतुर्थवर्गीय कर्मी और परिचारिकाओं की भी कमी है. इससे भी अस्पताल प्रबंधन सदर अस्पताल में लगातार बढ़ रहे बाहरी लोगों के दखल को रोक नहीं पा रहा.
सालों से अस्पताल में नहीं हैं एक भी ड्रेसर
सदर अस्पताल में पुरुष, महिला, आइसीयू, एनआरसी, एनसीडी, पीकू, एसएनसीयू, एमसीएच, प्रसव केंद्र, ओटी, ओपीडी, टीकाकरण समेत कुल 12 वार्ड संचालित होते हैं. जहां परिचारिकाओं (नर्सों) के कुल 50 पद स्वीकृत हैं. जहां वर्तमान में मात्र 39 परिचारिकाएं ही कार्यरत हैं. इनके अतिरिक्त सदर अस्पताल में घायलों व अन्य मरीजों के घावों के ड्रेसिंग के लिए ड्रेसर के कुल स्वीकृत पद छह हैं, जो पूरी तरह खाली हैं. इतना ही नहीं चतुर्थवर्गीय कर्मियों के साथ अस्पताल में फॉर्मासिस्ट के कुल पांच स्वीकृत पद में मात्र एक कार्यरत हैं. इतना ही नहीं प्रयोगशाला सहायकों के कुल स्वीकृत तीन पद भी पूरी तरह रिक्त पड़े हुए हैं.
वार्डों में भी पहुंच जा रहे बाहरी लोग
सदर अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण ही बाहरी लोगों का दखल बढ़ रहा है. इसके कारण ही आये दिन सदर अस्पताल में मरीजों को निजी नर्सिंग होम ले जाने, मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे लिये जाने सहित दलाली के कई मामले सामने आते हैं. इतना ही नहीं परिचारिकाओं की कमी के कारण एक परिचारिकाओं को एक शिफ्ट में दो या उससे अधिक वार्डों की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है. ऐसे में बाहरी लोगों का दखल वार्डों में भी बढ़ जाता है.
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की काफी कमी है. इससे विभाग को कई बार अवगत कराया गया है. हालांकि अस्पताल में किसी बाहरी व्यक्ति के कार्य करने या बिना कारण बैठने पर प्रतिबंध है. ऐसा करते पाये जाने पर संबंधित पर कार्रवाई की जायेगी.
