मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय के सीनेटर व एसकेआर कॉलेज, बरबीघा के जंतु विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ कुंदन लाल ने कॉलेज परिसर से सरकारी संपत्ति के गायब होने का गंभीर मामला उठाया है. उन्होंने प्रयोगशालाओं में गैस आपूर्ति के लिए बने क्रैकिंग प्लांट के दो कुंओं के ऊपर लगे भारी लोहे के ढक्कनों (स्क्रैप) को नियम विरुद्ध तरीके से हटाने व गायब करने को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र भेजा है. सीनेटर ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया है.
दो हजार किलो लोहे का कोई अता-पता नहीं
सीनेटर डॉ कुंदन लाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग के पिछले हिस्से में पुराने समय में प्रयोगशालाओं को गैस सप्लाई करने के लिए क्रैकिंग प्लांट बनाया गया था. इन दो कुंओं पर गैस जमा करने के लिए लोहे के विशालकाय ढक्कन लगे थे. हाल ही में वहां से झाड़ियों की सफाई और पेड़ों की कटाई की गयी, जिसके बाद देखा गया कि दोनों कुंओं के ऊपर के ढक्कन गायब हैं. अनुमान के मुताबिक, एक ढक्कन का वजन लगभग एक हजार किलो था, यानी कुल दो हजार किलो लोहा वहां से गायब है.
कॉलेज प्रशासन की चुप्पी पर उठाए सवाल
पत्र में कहा गया है कि इस संबंध में जब कॉलेज कर्मियों से पूछताछ की गयी, तो किसी ने संतोषजनक जानकारी नहीं दी. सीनेटर ने सवाल उठाया है कि यदि ये ढक्कन चोरी हुए हैं, तो महाविद्यालय प्रशासन ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी. यदि इन्हें बेचा गया है, तो स्क्रैप कमेटी बनाकर विधिवत नीलामी की प्रक्रिया नहीं अपनाई गयी. बिना किसी सूचना के इतनी भारी मात्रा में लोहे का गायब होना संदेह पैदा करता है.
पेड़ों की कटाई पर भी घेरा, मानकों की अनदेखी का आरोप
सीनेटर ने न केवल लोहे के स्क्रैप, बल्कि कॉलेज परिसर में बड़े पैमाने पर की गई वृक्षों की कटाई पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान प्राचार्य द्वारा पेड़ों को कटवाया गया है, जो वन विभाग के मानकों के अनुरूप है या नहीं, यह भी जांच का विषय है. उन्होंने कुलपति से आग्रह किया है कि इन दोनों मामलों (लोहे के ढक्कन गायब होने व पेड़ों की कटाई) की निष्पक्ष जांच करायी जाए ताकि वास्तविकता सामने आ सके.
