मुंगेर पुलिस की गश्ती पर मुख्यालय नाराज

अधिकांश पुलिसकर्मी सड़क किनारे वाहन को लगाकर उसी पर बैठे रहते हैं

मुंगेर. थानों से भले ही पुलिसकर्मी वाहन से गश्ती पर निकलते हैं, लेकिन अधिकांश पुलिसकर्मी सड़क किनारे वाहन को लगाकर उसी पर बैठे रहते हैं. जबकि नियमानुसार गश्ती वाहन लगातार चलते रहना है और जगह-जगह रुक कर उस पर बैठे पुलिसकर्मी उतर कर गश्ती करेंगे. लेकिन मुंगेर शहर में गली-मुहल्लों में गश्ती टीम को पैदल गश्ती करते नहीं देखा जाता है. जबकि मुख्यालय का सख्त निर्देश है कि कुहासा की वजह से अपराधियों की गतिविधि बढ़ने की आशंका को देखते हुए गश्ती व्यवस्था को सुदृढ़ करना है. पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में जिन 22 जिलों में गश्ती के दौरान लापरवाही का मामला सामने आयी है, उसमें एक मुंगेर जिला भी शामिल है. समीक्षा के बाद एडीजी (विधि व्यवस्था ) ने मुंगेर जिला सहित संबंधित जिलों को पत्र भेजा है और गश्ती में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसमें सुधार के निर्देश दिये हैं. मुख्यालय स्तर से जिन बिंदुओं पर गश्ती रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है, उन बिंदुओं पर मुंगेर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को नहीं सौंपी है. इस पर मुख्यालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस के वरीय अधिकारी गश्ती का जायजा लेने मैदान में नहीं उतर रहे हैं. विदित हो कि गश्ती के लिए जिन तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करना जरूरी है, उसमें पहला बेहतर गश्ती करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करना है. पुरस्कृत होने वाले पुलिस पदाधिकारी व पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजना, दूसरा है गश्ती के दौरान लापरवाही बरतने वाले को प्रशिक्षित करना. गश्ती के दौरान लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पुलिस लाइन में विशेष प्रशिक्षण देना है. तीसरा है प्रशिक्षण के बावजूद गश्ती में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजना.

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By BIRENDRA KUMAR SING

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