मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट :
मुंगेर विश्वविद्यालय के लगभग 70 अतिथि शिक्षक पिछले तीन माह से वेतन भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे फरवरी 2026 से लगातार विश्वविद्यालय एवं विभिन्न अंगीभूत कॉलेजों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. इससे उनके समक्ष परिवार चलाने, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में गंभीर परेशानी उत्पन्न हो गई है.भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं
अतिथि शिक्षकों ने बताया कि नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन, परीक्षा कार्य एवं अन्य शैक्षणिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. शिक्षकों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर वेतन भुगतान की मांग की गयी, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है.सीमित मानदेय पर करते हैं कार्य
अतिथि शिक्षकों ने कहा कि वे सीमित मानदेय पर कार्य करते हैं और लगातार तीन माह तक भुगतान नहीं होने से उनकी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो गयी है. कई शिक्षकों को कर्ज लेकर घर का खर्च चलाना पड़ रहा है. उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द लंबित मानदेय भुगतान करने की मांग की है.इस संबंध में अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे. इधर, मामले को लेकर शिक्षकों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है. वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बताया गया कि भुगतान प्रक्रिया को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा.
