प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुहागिन महिलाओं ने अपने पति के दीर्घायु जीवन की कामना को लेकर गुरुवार को धार्मिक भाव के साथ बट सावित्री पूजा किया .नगर क्षेत्र के प्रसिद्ध पंचबदन शिव मंदिर, सद्भावना घाट, गौशाला, विवाह भवन, सितुहार, ब्लॉक शिव मंदिर, महादेव स्थान लडुई, बागेश्वरी, आदि समेत सुहागिनों ने अपने-अपने घरों में भी वटवृक्ष की पारंपरिक भाव के साथ पूजा की और सैकड़ों की संख्या में धर्मानुरागी महिला और सुहागिनों ने लाल सूत्र बांधकर अपने पति के दीर्घायु होने की कामना करते हुए वट वृक्ष की परिक्रमा की .इस दौरान सुहागिन महिलाओं ने पति की मंगल कामना के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लिया. वहीं वट सावित्री पूजा की धार्मिक मान्यताओं के बारे में पंडित सुभाष झा तथा वेद पाठी पंडित अनंत कुमार मिश्रा ने बताया कि पतिव्रता सावित्री ने अपने कठिन तप के बल से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी. हर वर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शादीशुदा महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्यवती होने के लिए इस व्रत को रखती हैं. वहीं इस दिन दान-पुण्य को भी शुभ माना गया है. नगर के सद्भावना घाट के समीप बट वृक्ष को लेकर बनाए गए चबूतरा पर सैंकड़ों की संख्या में सुहागिन महिला और नवविवाहिताओं ने भक्ति भाव के साथ पूजा अर्चना किया और वट वृक्ष की परिक्रमा की.