भगवान का नाम अत्यंत शक्तिशाली, मिलता है सकारात्मक फल : स्वामी गोविंद देव

सन्यासपीठ पादुका दर्शन में चल रहे देवी भागवत कथा के सातवें दिन रविवार को स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने राजा जन्मेजय के प्रश्न और महर्षि वेद व्यास के उत्तर के प्रसंग को सुनाया

मुंगेर.

सन्यासपीठ पादुका दर्शन में चल रहे देवी भागवत कथा के सातवें दिन रविवार को स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने राजा जन्मेजय के प्रश्न और महर्षि वेद व्यास के उत्तर के प्रसंग को सुनाया. उन्होंने भगवान के नाम का निरंतर नाम लेने की सलाह देते हुए कहा इसका हमेशा आपको सकारात्मक फल मिलेगा. इस मौके पर कन्या पूजन का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया. जिसमें बिहार योग विद्यालय के स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने भी कन्या पूजन किया.

उन्होंने कथा की शुरुआत राजा जन्मेजय के उस प्रश्न से किया जिसमें वे वेद व्यास से पूछते हैं कि संसार में जीवों से न चाहते हुए भी जब पाप कर्म हो जाते हैं, तो उसका प्रायश्चित कैसे हो. उत्तर में वेद व्यास कहते हैं कि साधक को चाहिए कि वह पाप कर्म को न दुहराने का निश्चय करेके देवी का ध्यान करें, उनके मंत्र का जप करें. उनके किसी भी प्रिय नाम का कीर्तन करें. इससे पाप का दहन होता है. भगवान का नाम अत्यंत शक्तिशाली है. चाहे वा नाम श्रद्धा से लिया गया हो अथवा नहीं. उसका हमेशा सकारात्मक फल मिलता है. इसलिए सच्चे और अच्छे साधक निरंतर भगवान के नाम का उच्चारण करते रहते हैं. इसके बाद वेद व्यास ने अनेक देवी स्वरूपा नदियों का वर्णन किया, जो सिद्ध तीर्थ है. जहां का स्थान विशेष फलदायी है. इनमें सबसे विशेष है गंगा. जिनका दर्शन ही स्नान के समान फलदायक है. यदि साधक के लिए गंगा दर्शन का सौभाग्य दुर्लभ हो तो केवल गंगा का नाम लेने से ही कल्याण हो जाता है. स्नान के समय नदियों के नामो उच्चारण मात्र से ही उनमें स्नान का फल प्राप्त हो जाता है. उन्होंने अनेक अन्य प्रकोधक प्रसंग में राजा हरिशचंद्र, लक्ष्मी को विष्णु का श्राप के बारे में विस्तार से चर्चा की.

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By BIRENDRA KUMAR SING

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