व्यक्ति को अभिमान होने पर दूर हो जाते हैं भगवान : राजगुरू

व्यक्ति को अभिमान होने पर दूर हो जाते हैं भगवान : राजगुरू

संग्रामपुर. बनारस से पधारे कथावाचक श्रीराम अवतार राजगुरू ने भगवान श्रीकृष्ण की श्रेष्ठतम महारास लीला का बखान किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभारे हो उठे. वे गुरुवार को नगर पंचायत संग्रामपुर स्थित डाक बंगला परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं से कही. कथावाचक ने अपने ओजस्वी वाणी से गोपीजनों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की श्रेष्ठतम महारास लीला का बखान करते हुए कहा कि महारास लीला जीव व परब्रह्म ईश्वर के मिलन का प्रतीक है. आस्था व विश्वास के साथ जब जीव को भगवत प्राप्ति का अनुभव होता है, वही रास कहलाता है. उन्होंने रुक्मिणी हरण व विवाह प्रसंग के माध्यम से बताया कि रुक्मिणी साक्षात मां लक्ष्मी हैं, जो भगवान नारायण से कभी अलग नहीं रह सकतीं. उन्होंने कहा कि अभिमान आने पर भगवान दूर हो जाते हैं, जबकि सच्चे विरह में पड़े भक्त पर श्रीकृष्ण कृपा कर दर्शन देते हैं. धन के सदुपयोग पर जोर देते हुए कहा कि धन को परमार्थ और भगवान के कार्यों में लगाने से वह सुरक्षित रहता है. लक्ष्मी-नारायण की पूजा व सेवा से भगवान की कृपा स्वतः प्राप्त होती है. कथा के दौरान श्रीकृष्ण व विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी के विवाह की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गयी. इसे देख श्रद्धालु आहलादित हो उठे. प्रवचन के दौरान पूरा प्रशाल श्रद्धालुओं से भरा रहा.

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By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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