मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मुंगेर में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है. केंद्रीय जल आयोग की ओर से 27 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया. यहां गंगा का खतरे का निशान 39.33 मीटर है. ऐसे में नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है.
वहीं, मुंगेर में गंगा का चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है. इसके मुकाबले नदी का जलस्तर 50 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है. हालांकि केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है.
निचले इलाकों और दियारा में पहुंचा पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्र में दिखाई देने लगा है. कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है. कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले दिनों में कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है.
50 सेंटीमीटर के फासले ने बढ़ायी चिंता
मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रह गया है. ऐसे में जलस्तर में मामूली वृद्धि भी नदी को डेंजर लेवल के बेहद करीब पहुंचा सकती है. हालांकि फिलहाल जलस्तर स्थिर है, लेकिन निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गयी है.
इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है. जिला पदाधिकारी निखिल धनराज ने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रख रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए तैयार है. आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को अलर्ट मोड में रखा गया है.
