Munger News : केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कुटिर ज्योति मुफ्त सोलर पैनल योजना के तहत मुंगेर और लखीसराय जिले के हजारों गरीब परिवारों की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं. इससे परिवार अपनी जरूरत की बिजली इस्तेमाल करने के साथ अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय भी अर्जित कर सकेंगे.
नवंबर तक 5,610 घरों पर लगेंगे सोलर पैनल
योजना के तहत मुंगेर जिले के 3,934 और लखीसराय जिले के 1,676, यानी कुल 5,610 बीपीएल परिवारों के घरों पर नवंबर 2026 तक 1.1 किलोवाट क्षमता के मुफ्त सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
इस योजना को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है. मुंगेर से अब तक करीब 13 हजार और लखीसराय से 3,500 आवेदन प्राप्त हुए हैं. पात्र लाभार्थियों का चयन कर उनके घरों पर सोलर पैनल लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है.
100 से अधिक घरों पर शुरू हुआ इंस्टॉलेशन
योजना के तहत कार्य एजेंसी आर्यवट टेक्नो ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सोलर पैनल लगाने का कार्य किया जा रहा है. अब तक दोनों जिलों में 100 से अधिक घरों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं और शेष कार्य चरणबद्ध तरीके से जारी है.
बिजली बचाने के साथ होगी अतिरिक्त कमाई
प्रत्येक पात्र परिवार के घर पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाया जाएगा. इस प्रकार कुल 6,171 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल दोनों जिलों में स्थापित होंगे. अनुमान है कि इनसे हर महीने करीब 6 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा.
सरकार पहले से ही बीपीएल परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है. अधिकांश परिवार इस पूरी बिजली की खपत नहीं कर पाते. ऐसे में सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली सीधे विद्युत ग्रिड में जाएगी और उसके बदले मिलने वाली राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा होगी. इससे गरीब परिवारों को बिजली बचत के साथ नियमित अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिलेगा.
स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
ऊर्जा विभाग के अनुसार यह योजना न केवल गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
अधीक्षण अभियंता ने क्या कहा
विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता दिवाकर लाल ने बताया कि कुटिर ज्योति मुफ्त सोलर पैनल योजना के तहत मुंगेर और लखीसराय में तेजी से कार्य चल रहा है. नवंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सोलर पैनल से उत्पादित अतिरिक्त बिजली का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते तक पहुंचेगा और यह योजना गरीब परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
