Farmer Electrocuted : प्रखंड क्षेत्र की टेटिया पंचायत अंतर्गत चंपाचक गांव में रविवार को खेत की पटवन के दौरान करंट लगने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई. बिजली से चलने वाली मोटर में तार जोड़ते समय वह अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए. हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई.
मृतक की पहचान चंपाचक गांव निवासी रामधारी सिंह के 50 वर्षीय पुत्र जेहल सिंह के रूप में हुई है. वह खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे.
मोटर में तार जोड़ते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार रविवार को जेहल सिंह अपने खेत में सिंचाई के लिए बिजली से चलने वाली मोटर में तार जोड़ रहे थे. इसी दौरान अचानक बिजली का तार उनके हाथ में फंस गया और वह तेज करंट की चपेट में आ गए. करंट लगते ही वह खेत में गिर पड़े.
आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने उन्हें गिरा देखा तो तत्काल मौके पर पहुंचे. किसी तरह बिजली का संपर्क हटाकर उन्हें बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी.
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में जेहल सिंह को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेटियाबंबर ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के अनुसार अत्यधिक करंट लगने के कारण उनकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही टेटियाबंबर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मुंगेर भेज दिया.
थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बिजली के करंट से हुई दुर्घटनात्मक मौत का प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जेहल सिंह की असामयिक मौत से उनकी पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनती, मिलनसार और मददगार किसान थे, जो खेती के मौसम में अन्य किसानों की भी सहायता करते थे.
जर्जर तारों की जांच और मुआवजे की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने खेतों में इस्तेमाल होने वाले बिजली के तारों और मोटरों की नियमित जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि बरसात और सिंचाई के मौसम में खुले एवं जर्जर बिजली तार किसानों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक किसान के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है.
