वित्तीय अनियमितता के आरोप में खड़गपुर बीडीओ व नाजीर से स्पष्टीकरण

कार्रवाई की जद में हवेली खड़गपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं वहां के नाजीर हैं.

– नजारत कार्यालय की जांच में परत दर परत खुलने लगी अनियमितता, शुरू हो गयी कार्रवाई

– सामान्य रोकड़ बही में 76.83 लाख रुपया पाया गया कम

मुंगेर

वित्तीय अनियमितता की लगातार मिल रही शिकायतों पर जिलाधिकारी ने अलग-अलग टीम बना कर विभिन्न कार्यालय के नजारत की जांच पिछले दिनों कराया था. टीम की जांच में नजारतों में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आयी है. जिसे लेकर जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी है. कार्रवाई की जद में हवेली खड़गपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं वहां के नाजीर हैं. जिससे वित्तीय अनियमितता के आरोप में जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा है. जिसमें दो दिनों के अंदर जबाव समर्पित करने का निर्देश दिया गया है कि क्यों नहीं इस कृत्य के लिए आपके विरुद्ध प्रपत्र क गठित करते हुए अनुशासनात्मक एवं प्रशासनिक कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी.

वित्तीय अनियमितता के आरोप में बीडीओ व नाजीर से स्पष्टीकरण

समाहरणालय मुंगेर के जिला विकास शाखा से 21 मई 2025 को जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से जारी पत्र में हवेली खड़गपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी व नाजीर से स्पष्टीकरण पूछा गया है. जिसमें कहा गया कि 13 मई को प्रखंड नजारत का जांच डीआरडीए निदेशक द्वारा कराया गया. टीम के जांच प्रतिवेदन में जहां सामान्य रोकड़ बही 13 मार्च 2024 तक ही अद्यतन पया गया. जबकि समान्य रोकड़ बही में सहायक रोकड़ पंजी, बैंक विवरणी, असमायोजित अभिश्रव, स्थायी-अस्थायी अग्रिम का ब्रेअप नहीं दिया गया है. जांच में पाया गया कि अग्रिम पंजी का संधारण नहीं किया गया है. सामान्य रोकड़ बही और अग्रिम पंजी का एक दूसरे से मिलान नहीं हो पाया. अग्रिम राशि की वसूली के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है. 19 जुलाई 2023 को अग्रिम के रूप में 23 लाख 61 हजार 685 रुपये सामान्य रोकड़ पंजी में दिखाया गया है. लेकिन 16 लाख 11 हजार 685 रुपये का ही ब्रेकअप दिया गया है. जबकि 7 लाख 50 हजार रुपये किसको अग्रिम दिया गया है. यह स्पष्ट नहीं है. जबकि सूद पंजी को चार वर्षों से अद्यतन नहीं करवाया गया है. इतना ही नहीं सामान्य रोकड़ बही में 78 लाख 83 हजार 197 रुपये का अंतर पाया गया है. उपरोक्त त्रुटि वित्तीय अनियमितता को परिलक्षित करता है. रोकड़ बही ससमय अद्यतन नहीं करना एक गंभीर मामला है. उन्होंने दो दिनों के अंनर स्पष्टीकरण का जबाव समर्पित करें कि क्यों नहीं इस कृत्य के लिए आपके विरुद्ध प्रपत्र क गठित करते हुए अनुशासनात्क एवं प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए विभाग को प्रतिवेदन कर दिया जाय.

अनियमितता पर कार्रवाई शुरू, मचा हड़कंप

अनियमितता की लगातार मिल रही शिकायत पर जिलाधिकारी ने जिले में संचालित विभिन्न कार्यालय के नजारतों की जांच टीम बना कर करवाई गयी. जांच के लिए अलग-अलग टीम बनायी गयी थी. 9 मई 2025 से टीम ने जांच शुरू किया था. जांच करने के बाद जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है. जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है. जिससे अनियमितता में शामिल अधिकारी व नाजीर में हड़कंप मच गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Birendra kumar sing

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >