शहर में लगे वाटर कूलरों का सूखा गला, राहगीरों का निकल रहा दम

गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल का संकट गहराने लगा है, जबकि लाखों रुपये खर्च कर लगाये गये वाटर कुलिंग मशीन में अधिकांश खराब पड़ा हुआ है, जबकि कई क्षेत्रों से मशीन ही चोरी कर ली गयी है.

अधिकांश वाटर कूलर खराब, दुकान से कोल्ड वाटर बोतल खरीद कर राहगीर बुझा रहे प्यास

मुंगेर. गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल का संकट गहराने लगा है, जबकि लाखों रुपये खर्च कर लगाये गये वाटर कुलिंग मशीन में अधिकांश खराब पड़ा हुआ है, जबकि कई क्षेत्रों से मशीन ही चोरी कर ली गयी है. इस कारण शहर में आने वाले राहगीरों और यात्रियों को ठंडा पानी के लिए दुकान से बोतल खरीदने पड़ रहे हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से इन बंद व खराब पड़े वाटर कैसे बुझेगी प्सास. कुलिंग संयत्र को ठीक करने को लेकर कवायद नहीं की जा रही.

शहर में लगे अधिकांश वाटर कुलिंग सयंत्र पड़ा है खराब

नगर निगम प्रशासन की ओर से दो वर्ष पूर्व शहर में वाटर कुलिंग संयत्रों का अधिष्ठापन किया गया था. शहर के भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर 12 वाटर कूलर लगाये गये थे. इसमें अधिकांश खराब पड़ा हुआ है. ऐसे में राहगीरों की प्यास कैसे बुझेंगी. शहर के अतिव्यस्त एक नंबर ट्रैफिक स्थित प्राइवेट वाहन पड़ाव में वाटर कुलिंग संयत्र पूरी तरह से बेकार पड़ा हुआ है, जबकि भगत सिंह चौक पर लगा वाटर कूलर पूरी तरह दम तोड़ चुकी है. टोटी भी गायब है, जबकि कौड़ा मैदान में जो वाटर कूलर लगा है, वह बिना ढूढ़े आपको मिल नहीं सकती है. वह भी पूरी तरह से बेकार पड़ा हुआ और फाउंडेशन को जंग धीरे-धीरे खाये जा रही है. मुंगेर रेलवे स्टेशन मुख्य गेट के समीप मंदिर के पास वाटर कुलिंग मशीन के अंदर के सामानों की चोरी हो चुकी है. स्थानीय लोगों ने इसे ठीक कराने के लिए वार्ड पार्षद से भी मिले, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हो सका है. जबकि यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है.

वाटर कूलर बंद रहने से राहगीरों की बढ़ी परेशानी

धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है और लोगों में ठंडा पानी का डिमांड बढ़ गया है, लेकिन शहर में लगे अधिकांश वाटर कुलिंग मशीन बंद रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. बस स्टैंड में आने वाले यात्री दुकान से ठंडा पानी की बोतल खरीद कर प्यास बुझा रहे हैं. यात्रियों ने बताया कि शहर का अतिव्यस्तम जगह वाहन स्टैंड है. जहां से प्रतिदिन दो से तीन हजार यात्रियों का आना-जाना होता है, लेकिन उनको यहां ठंडा पानी भी नसीब नहीं होता है. यहां पर वाटर कुलिंग मशीन लगा हुआ है, लेकिन वहां जब पानी लेने जाते है, तो धोखा खा जाते है. क्योंकि यह तो बंद पड़ा हुआ है. ऑटो व ई-रिक्शा चालकों को ठंडा पानी के लिए रुपये खर्च करना पड़ रहा है.

कहते हैं नगर आयुक्त

शहर में लगे वाटर कुलिंग मशीन की जहां भी लगे हैं और उसकी वर्तमान में क्या स्थिति है उसकी जांच करायी जायेगी. जो भी तकनीकी खराबी होगी उसकी मरम्मती करवा कर चालू कराया जायेगा. गर्मी को देखते हुए नगर निगम की ओर से राहगीरों को राहत उपलब्ध कराने के लिए प्लानिंग की जा रही है.

पार्थ गुप्ता, नगर आयुक्त

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