भीषण गर्मी में पेयजल संकट गहराया, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे वार्डवासी

नगर पंचायत संग्रामपुर के अधिकांश वार्डों में पेयजल संकट गंभीर समस्या बन गयी है. सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना दम तोड़ती नजर आ रही है

नगर पंचायत संग्रामपुर में नल-जल योजना तोड़ रही दम, पार्षदों ने जतायी नाराजगी

संग्रामपुर. नगर पंचायत संग्रामपुर के अधिकांश वार्डों में पेयजल संकट गंभीर समस्या बन गयी है. सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना दम तोड़ती नजर आ रही है और जलमीनार शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. अधिकांश वार्डों का हाल यह है कि कहीं पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा है तो कहीं समरसेबुल मोटर खराब होने की समस्या है. इस कारण वार्डवासी इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. बावजूद नगर पंचायत प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है.

जलापूर्ति में कहीं मोटर खराब, तो कहीं रिचार्ज बनी है समस्या

वार्ड संख्या 10 में नल-जल योजना के तहत स्थापित जलमीनार क्षतिग्रस्त है और वार्ड में जलापूर्ति ठप है, जबकि वार्ड 12 में स्थित जलमीनार से मात्र 20 से 25 घरों को ही पानी मिल रहा है. पूरे वार्ड में अबतक पाइपलाइन नहीं बिछाई गयी है. जिससे सैकड़ों परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. वार्ड 11 एवं 12 में तीन-तीन जलमीनार लगे हैं, लेकिन जलमीनार के मॉनीटरिंग एवं रखरखाव के अभाव में जलापूर्ति बाधित है और वार्डवासियों को पानी नहीं मिल रहा है. हाल यह है कि किसी जलमीनार का मोटर जल गया है तो कहीं प्रीपेड मीटर लगा दिये जाने के कारण रिचार्ज की समस्या बनी हुई है. ऐसे में वार्डवासी इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. इतना हीं नहीं कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है. जिसका सुध लेने वाला कोई नहीं है.

पाइपलाइन क्षतिग्रस्त रहने से घरों के बदले सड़कों पर ही बहता है पानी

वार्ड संख्या 12 पर गौर करें तो इस वार्ड की बड़ी आबादी एक ही जलमीनार पर पानी के लिए निर्भर है. इस वार्ड में संग्रामपुर बस स्टैंड, संग्रामपुर मोड़ और बाजार क्षेत्र को पानी की आपूर्ति की जाती है. यहां की आबादी और क्षेत्रफल दोनों अधिक है. बावजूद एक ही जलमीनार लगाया गया है. जिससे आधे से भी कम आबादी को ही जलापूर्ति योजना का लाभ मिल पाता है. इतना ही नहीं बिछाई गयी पाइपलाइन भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है और पानी चलने पर वह भी सड़कों पर ही बह जाता है. जिससे लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है और पानी व्यर्थ हो जाता है. अब स्थिति यह है कि लोग पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं और विभागीय स्तर पर सुध नहीं लिया गया तो ग्रामीण कभी भी आंदोलन कर सकते हैं.

पार्षदों ने विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

वार्डवासियों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी नगर पंचायत प्रशासन एवं पीएचईडी के अधिकारी से शीघ्र पेयजल की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है. साथ ही पाइपलाइन की मरम्मती, खराब मोटर को ठीक कराने, प्रीपेड मीटर को रिचार्ज कराने, जलमीनार की संख्या बढ़ाने एवं ऑपरेटर की निगरानी में संचालित जलमीनार को सुदृढ़ करने की मांग की है. ताकि इस भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके. वहीं संबंधित वार्ड के पार्षद सरोजनी देवी, राधा देवी एवं आशीष कुमार का कहना है कि नल-जल योजना शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. आबादी के अनुरूप एक भी जलमीनार क्रियाशील नहीं है. पार्षदों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाया है और वार्डवासियों को अपने हाल पर छोड़ दिया है.

कहते हैं कनीय अभियंता

पीएचईडी के कनीय अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि जिस-जिस वार्ड में जलापूर्ति की समस्या है. उस वार्ड में कार्य किया जायेगा और लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाया जायेगा.

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By Anand kumar

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