रात में अचानक मुंगेर मॉडल अस्पताल पहुंचे डीएम, लापरवाही पर डॉक्टरों का वेतन रोकने का दिया निर्देश

मुंगेर सदर अस्पताल में रात्रि स्वास्थ्य सेवाओं की कलाई खोलते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने देर रात अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. विभिन्न वार्डों में लापरवाही पाए जाने पर डीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसमें जिम्मेदार डॉक्टरों का वेतन रोकने का आदेश भी शामिल है.

मुंगेर सदर अस्पताल की रात्रिकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच गुरुवार रात जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने मॉडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. उनके अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गयी. डीएम ने इमरजेंसी, प्रसव केंद्र और विभिन्न वार्डों में रात्रि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की मौजूदगी और उनके कार्यों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान कई स्तरों पर लापरवाही सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जतायी और जिम्मेदार चिकित्सकों पर कार्रवाई के निर्देश दिये.

रात में अचानक अस्पताल पहुंचे डीएम-एसपी

जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद भी मौजूद रहे. दोनों अधिकारियों ने अस्पताल की रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया. इमरजेंसी वार्ड समेत विभिन्न वार्डों में जाकर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति की जांच की गयी. साथ ही यह भी देखा गया कि रात की ड्यूटी के दौरान मरीजों की देखभाल और निर्धारित कार्यों का किस तरह पालन किया जा रहा है.

एंबुलेंस चालक ड्रेस में नहीं मिला, एजेंसी से मांगा स्पष्टीकरण

निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल परिसर में तैनात एंबुलेंस चालकों की ड्रेस भी जांची. इस दौरान एक चालक निर्धारित ड्रेस में नहीं मिला. डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसी से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही सभी सेवाओं में निर्धारित मानकों और अनुशासन का पूरी तरह पालन होना चाहिए. मरीजों से जुड़ी सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

वार्ड राउंड नहीं होने पर डीएम हुए नाराज

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अन्य वार्डों में निर्धारित रात्रिकालीन राउंड नहीं लिये जाने की बात सामने आयी. प्रसव वार्ड में रात्रि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर द्वारा भी वार्ड राउंड नहीं किये जाने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जतायी.

डीएम ने कहा कि रात में भर्ती मरीजों की स्थिति की नियमित निगरानी करना ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. मरीज की स्थिति बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

लापरवाही मिली तो वेतन रोकने का निर्देश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही या मरीजों की देखभाल में शिथिलता किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही मिलने पर उन्होंने सिविल सर्जन को संबंधित चिकित्सक का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया.

रात की व्यवस्था पर अब रहेगी कड़ी निगरानी

डीएम ने सिविल सर्जन और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि रात्रि ड्यूटी में तैनात सभी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें. इमरजेंसी और प्रसव केंद्र जैसे महत्वपूर्ण वार्डों में मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलना सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने अस्पताल प्रशासन को रात्रिकालीन व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा ड्यूटी रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति एवं कार्यों का प्रभावी अनुश्रवण करने का भी निर्देश दिया. औचक निरीक्षण के बाद अब अस्पताल की रात की व्यवस्था पर निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है.


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लेखक के बारे में

By अमित झा

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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