धरहरा (मुंगेर). धरहरा प्रखंड क्षेत्र में रविवार देर रात से हुई मूसलाधार बारिश ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. पहाड़ी क्षेत्रों से उतरकर आया बारिश का पानी बंगलवा-दशरथपुर मुख्य सड़क पर ईटवा गांव के समीप नदी की तरह बहने लगा. रविवार रात करीब दो बजे शुरू हुआ पानी का तेज बहाव सोमवार सुबह करीब 11 बजे तक जारी रहा. करीब दस घंटे तक सड़क पर ढाई से तीन फीट पानी बहने से आवागमन पूरी तरह ठप रहा और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
बारिश के पानी का सबसे अधिक असर ईटवा गांव में
बारिश के पानी का सबसे अधिक असर ईटवा गांव में देखने को मिला, जहां एक दर्जन से अधिक दुकानों में पानी घुस गया. कई घरों के बाहर रखा बालू और अन्य सामान भी तेज बहाव में बह गया, जिससे लोगों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. सड़क पर नदी जैसा दृश्य बनने से ग्रामीण घरों में ही कैद होकर रह गए. जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि स्कूली बच्चे जलजमाव और तेज बहाव के कारण विद्यालय नहीं पहुंच सके. ग्रामीणों ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले भी इसी स्थान पर ऐसी ही स्थिति बनी थी. उस समय प्रशासन से स्थायी समाधान का भरोसा मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण हर बारिश में यही समस्या दोहराई जा रही है.
प्राकृतिक नदी और जलनिकासी मार्ग अतिक्रमण से सिकुड़ा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र की प्राकृतिक नदी और जलनिकासी मार्गों पर लगातार हुए अतिक्रमण के कारण उनका स्वरूप सिकुड़कर छोटे-छोटे नालों में बदल गया है. इससे पहाड़ से आने वाला पानी आसानी से नहीं निकल पाता और सड़क तथा आबादी वाले क्षेत्रों में फैल जाता है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से नदी और जलनिकासी मार्गों से अतिक्रमण हटाने, प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करने तथा इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हर वर्ष बरसात के दौरान लोगों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
ALSO READ भागलपुर में 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर बढ़ा गंगा का जलस्तर, तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता
