Shravani Mela 2026 : श्रावणी मेले शुरू होते ही असरगंज स्थित कच्चे कांवरिया पथ पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ता नजर आया. बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग अपने-अपने परिवार और साथियों के साथ कंधों पर कांवर उठाए शिवभक्ति में लीन दिखाई दिए. पूरा मार्ग केसरिया वस्त्रधारी कांवरियों से पट गया और हर ओर भक्ति का उत्साह देखने को मिला.
देश ही नहीं, विदेशों से भी पहुंचे श्रद्धालु
इस बार श्रावणी मेले में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं. सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल भरकर सभी श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करने के लिए 105 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पर निकल पड़े हैं. रास्ते भर गूंज रहे "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार कर रहे हैं.
'यहां आते ही सारी चिंताएं दूर हो जाती हैं'
बिहार के आरा से आई श्रद्धालु कविता प्रकाश बम ने बताया कि वह हर वर्ष सुल्तानगंज से जल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम जाती हैं. उनके अनुसार सावन के पहले दिन इस यात्रा का अनुभव बेहद दिव्य होता है. उन्होंने कहा कि यहां पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है जैसे किसी अलग ही आध्यात्मिक दुनिया में आ गए हों. मन की सारी चिंताएं समाप्त हो जाती हैं और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होने लगता है. उन्होंने इस वर्ष जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की.
भक्ति ने आसान बना दिया 105 किलोमीटर का सफर
कांवरियों का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ के प्रति अटूट आस्था ही इस कठिन यात्रा को आसान बना देती है. रास्ते भर शिवभक्ति, सेवा शिविरों का सहयोग और भक्तिमय माहौल उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. हर कदम के साथ गूंजते "बोल बम" के जयघोष से पूरा कांवरिया पथ आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर हो उठा है और श्रद्धालु बाबा धाम पहुंचकर जलाभिषेक करने की उत्कंठा के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
