संग्रामपुर. नगर पंचायत संग्रामपुर स्थित ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक पोखर के जीर्णोद्धार की मांग तेज हो गयी है. स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से उठायी जा रही मांग को संज्ञान में लेते हुए जमुई के सांसद अरुण भारती ने मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर को पत्र लिखकर इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल 2026 को सांसद ने औपचारिक पत्र के माध्यम से डीएम को अवगत कराया है कि संग्रामपुर का यह पोखर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है. पोखर में गंदगी, जलभराव की समस्या और चारों ओर अतिक्रमण के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस पोखर से सरकार को भी लाखों का राजस्व प्राप्ति मछली पालन से हुआ करता था. यही नहीं इस पोखर में नील की खेती होती थी. संग्रामपुर नगर पंचायत का पोखर अपने आप में एक पहचान है. ग्रामीणों का कहना है कि यह पोखर कभी क्षेत्र की जल आवश्यकता का प्रमुख स्रोत हुआ करता था और इसके आसपास धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित होती थी. लेकिन देखरेख एवं प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह पोखर उपेक्षित रह गया. अब लोगों ने इसकी साफ-सफाई, गहरीकरण और सौंदर्यीकरण की मांग की है. सांसद अरुण भारती ने अपने पत्र में जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि पोखर के जीर्णोद्धार हेतु संबंधित विभाग को निर्देशित कर शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को इसका लाभ मिल सके और इसऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित किया जा सके. सांसद के इस पहल से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही पोखर का कायाकल्प होगा और यह पुनः अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सकेगा.
ब्रिटिशकालीन पोखर के जीर्णोद्धार की मांग तेज, सांसद ने डीएम को लिखा पत्र
नगर पंचायत संग्रामपुर स्थित ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक पोखर के जीर्णोद्धार की मांग तेज हो गयी है
