पिता के अस्वस्थ होने पर बेटी बनी सहारा, दंड देकर जा रही देवघर

देवघर की यात्रा पर निकले एक अस्वस्थ पिता की मदद के लिए 12 साल की बेटी ने कमान संभाली। पिता के थकने पर वह दंडवत प्रणाम कर यात्रा को आगे बढ़ा रही है, जो लोगों को अचंभित कर रहा है। यह भक्ति और समर्पण की एक अद्भुत मिसाल है।

तारापुर (मुंगेर). सावन महीने के बाद भादो के महीने में भी देवघर जाने वाले शिवभक्तों के आस्था में कमी नहीं आयी है. शनिवार को कच्ची कांवरियां पथ पर भक्ति और समर्पण का एक गजब नजारा देखने को मिला. बांका जिला के चांदन निवासी हेमलाल यादव बाबा भोलेनाथ से मांगी गई मन्नत को पूरी होने पर दंडवत होकर देवघर की यात्रा पर निकले हैं. अस्वस्थता के कारण जब वे थकान से निढाल हो जाते हैं, तब उनकी 12 वर्षीय पुत्री शीला कुमारी पिता का सहयोग करते हुए खुद दंड देते हुए यात्रा को आगे बढताी है. उनकी इस भक्ति को देखकर हर कोई अचंभित हैं.

साइकिल से साथ चल रहे परिजन

हेमलाल यादव की धर्मपत्नी शकुंतला देवी, बड़ा पुत्र शिवम कुमार और छोटा पुत्र रोहित कुमार पूजन व खाद्य सामग्री लेकर दो अलग-अलग साइकिलों पर अनवरत साथ चल रहे हैं. हेमलाल ने बताया कि बाबा भोलेनाथ की कृपा से उनकी मन्नत पूर्ण हुई है. अस्वस्थ रहने के कारण जब वे थक जाते हैं, तो बेटी यात्रा की कमान संभालती है. पत्नी शकुंतला देवी कहती है कि जब पति इतने बड़े तप में लीन हैं, तो पत्नी होने के नाते उनका साथ देना मेरा कर्तव्य है. परिवार आज आठ दिनों की अनवरत यात्रा के बाद तारापुर पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि इस हठयोग में उनकी अपनी कोई शक्ति नहीं है, यह सब बाबा भोलेनाथ की महिमा है. पथ से गुजर रहे अन्य कांवरियां भी इस अदभुत दृश्य को देखकर ''''''''बोल बम'''''''' के जयकारों के साथ उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं.

साइकिल पर रसद सामग्री लेकर साथ चलता परिवार. | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By संजय वर्मा

संजय वर्मा प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. तारापुर (भागलपुर) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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