बीएनएसएस की धारा-107 के तहत कार्रवाई तेज, अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू
मुंगेर. अपराधियों के खिलाफ बिहार पुलिस का अभियान अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गयी है, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति पर भी प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है. बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा-107 के तहत मुंगेर रेंज के 70 अपराधियों को चिह्नित किया गया है. इनमें से 17 मामलों में न्यायालय में प्रस्ताव भी समर्पित किया जा चुका है. न्यायालय से हरी झंडी मिलते ही इन अपराधियों की संपत्ति जब्त कर ली जायेगी.अपराधियों के अवैध कमाई पर चलेगा कानून का डंडा
पुलिस मुख्यालय की ओर से अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई तेज की जा रही है. इसी क्रम में बीएनएसएस की धारा-107 के अंतर्गत विभिन्न जिलों में अपराधियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि अपराधियों की अवैध कमाई पर प्रहार होने से संगठित अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा.मुंगेर जिला में सबसे अधिक 44 अपराधी चिह्नित
रिपोर्ट के अनुसार मुंगेर जिले में 44 अपराधियों को चिन्हित किया गया है, जो मुंगेर रेंज की सूची में सबसे अधिक है. इनमें से 5 अपराधियों के खिलाफ न्यायालय में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा चुका है. वहीं जमुई में 9 अपराधी चिन्हित किए गए हैं, जबकि एक मामले में प्रस्ताव न्यायालय को भेजा गया है. लखीसराय में 15 अपराधियों को चिह्नित किया गया है. जिसमें 9 मामलों में न्यायालय में प्रस्ताव समर्पित किया गया है. शेखपुरा में दो अपराधियों को चिन्हित किया गया है और दोनों के खिलाफ प्रस्ताव न्यायालय में भेजे जा चुके हैं. आंकड़े बताते हैं कि अपराधियों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई को लेकर पुलिस और प्रशासन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर बढ़ी कार्रवाई
बताया गया कि बिहार पुलिस मुख्यालय, अपराध अनुसंधान विभाग एवं कमजोर वर्ग प्रभाग द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि चिन्हित अपराधियों की चल-अचल संपत्तियों की जांच कर कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.अपराध जगत में बढ़ी बेचैनी
अपराधियों की संपत्ति जब्ती की बढ़ती कार्रवाई से आपराधिक तत्वों में बेचैनी देखी जा रही है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि केवल जेल भेजने से अधिक प्रभावी कदम अपराध से अर्जित आर्थिक संसाधनों पर प्रहार करना है. यही वजह है कि अब अपराधियों के नेटवर्क और उनकी अवैध संपत्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जिससे जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके.कहते हैं डीआईजी
डीआइजी राकेश कुमार ने बताया कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई भी आवश्यक है. बीएनएसएस की धारा-107 के तहत चिन्हित अपराधियों की गतिविधियों और उनकी चल-अचल संपत्तियों की गहन जांच की जा रही है. अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया तेज की गई है. मुंगेर रेंज के सभी जिलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. कानून के दायरे में रहकर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आपराधिक तत्व को बख्शा नहीं जायेगा.———————–एक नजर इस सूची पर
जिला चिह्नित अपराधी न्यायालय में समर्पित प्रस्तावमुंगेर 44 5
जमुई 9 1लखीसराय 15 9
शेखपुरा 2 2