मुंगेर. भारत की जनगणना 2027 के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. इसके सफल संचालन एवं प्रभावी पर्यवेक्षण के उद्देश्य से आगामी 23 मार्च से संग्रहालय सभागार में चयनित फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, जो 28 मार्च तक चलेगा. इसको लेकर जिला पदाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी निखिल धनराज ने आदेश जारी कर सभी नामित फील्ड प्रशिक्षकों को ससमय प्रशिक्षण में भाग लेने का आदेश दिया है.
जिले के 60 फील्ड प्रशिक्षकों को दिया जायेगा प्रशिक्षण
बताया जाता है कि जिले में फील्ड प्रशिक्षक के रूप में कुल 60 शिक्षकों का चयन किया गया, जिनको मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा. 23 से 28 मार्च तक मुंगेर रूरल के 6, मुंगेर नगर निगम के 8, जमालपुर रूरल के 4, जमालपुर नगर के 6, धरहरा रूरल के 6 एवं हवेली खड़गपुर नगर के 2 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जायेग, जबकि 26 से 28 मार्च तक चलने वाले प्रशिक्षण में बरियारपुर रूरल के 4, हवेली खड़गपुर रूरल के 6, टेटियाबंबर रूरल के 2, असरगंज रूरल के 2, असरगंज नगर पंचायत के 2, तारापुर रूरल के 4, तारापुर नगर पंचायत के 2, संग्रामपुर रूरल के 4 एवं संग्रामपुर नगर पंचायत के 2 फील्ड प्रशिक्षक को प्रशिक्षण दिया जायेगा. उनको मास्टर ट्रेनर द्वारा मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जायेगी. उनको डिजिटल डेटा संग्रह, मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के उपयोग के बारे में बताया जायेगा. जिसके बाद फील्ड ट्रेनर प्रगणकों को इसको लेकर प्रशिक्षित करेंगे.
लंबे इंतजार के बाद शुरू होगी भारत की जनगणना
बताया गया कि कोविड-19 महामारी के कारण जनगणना का कार्य समय पर नहीं हो सका था, लेकिन अब 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है. स्व-गणना के तहत मोबाइल ऐप के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी 17 अप्रैल 2026 से एक मई 2026 के बीच दर्ज कर सकेंगे, जिसके बाद प्रगणक भौतिक रूप से घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक करेंगे. देश के इतिहास में पहली बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और डिजिटल होगी. डेटा संकलन के लिए मोबाइल ऐप और सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया जायेगा. इससे आंकड़ों का संग्रह अधिक तेज और पारदर्शी होगा, जिससे डेटा की विश्वसनीयता बढ़ेगी.जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन भर नहीं है, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं की नींव है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होने वाली जानकारियों की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जायेगा और नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी. यह पहली बार होगा जब जनगणना का कार्य सीएमएमएस के माध्यम से एलएलबीसी वेब पोर्टल पर डिजिटल रूप से संपन्न किया जायेगा. 23 मार्च से फील्ड ट्रेनरों को इसको लेकर प्रशिक्षण दिया जायेगा, जो 28 मार्च तक चलेगा.
