मुंगेर से राणा गौरी शंकर की रिपोर्ट
Brahma Kumari: ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में जगदम्बा सरस्वती माता की 61वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई. वक्ताओं ने उनके आध्यात्मिक योगदान, तपस्या और नारी सशक्तिकरण के संदेश को याद किया.
जगदम्बा माता नारी शक्ति और दिव्यता की प्रतीक थीं
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही केंद्र संचालक बीके स्नेहा दीदी ने कहा कि जगदम्बा माता ने ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया. उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन नारी शक्ति, पवित्रता और दिव्यता का प्रतीक रहा है. ब्रह्मा बाबा के साथ मिलकर उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की नींव को मजबूत बनाया और महिलाओं को आत्मविश्वास तथा आध्यात्मिक शक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.
प्रायोगिक जीवन से दिया आध्यात्मिक संदेश
समाजसेवी प्रणव कुमार सिट्टू ने कहा कि स्नेह और करुणा की प्रतिमूर्ति जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर में हुआ था तथा वर्ष 1965 में उन्होंने देह त्याग कर अनंतधाम की यात्रा की. उन्होंने अपने जीवन में मानवीय मूल्यों, सद्गुणों और सेवा की मिसाल प्रस्तुत की.वहीं राकेश चंद्र सिन्हा ने कहा कि माता जगदम्बा ने कभी केवल उपदेश देकर लोगों को प्रेरित नहीं किया, बल्कि अपने जीवन के आचरण से आध्यात्मिकता का संदेश दिया. उनकी पवित्रता, सरलता और दिव्य व्यक्तित्व लोगों को आत्मचिंतन एवं आत्मबोध की ओर प्रेरित करता था.
पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
कार्यक्रम के दौरान जगदम्बा सरस्वती माता के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनके आदर्शों एवं गुणों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया. स्मृति दिवस के अवसर पर महाप्रसाद एवं चरणामृत का भी वितरण किया गया.कार्यक्रम में बीके लाडली, संजीव झा, मदन ठाकुर, राजीव रंजन, प्रभाकर सिंह, विवेक केशरी, पुरुषोत्तम गुप्ता, भोलू ठाकुर, धनिक साह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति, महिलाएं एवं युवा उपस्थित थे.
