ढ़ोल पहाड़ी के सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ, इको टूरिज्म के रूप में किया जा रहा विकसित

राज्य सरकार ने ढोल पहाड़ी के विकास के लिए 12 करोड़ 49 लाख रुपए की स्वीकृति दी है.

असरगंज —————————- असरगंज के ढोल पहाड़ी को इको टूरिज्म यानी पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने के लिए सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. यहां शिव मंदिर एवं गायत्री मंदिर को विकसित करने के लिए सीढ़ी निर्माण कार्य शुरू हो गया है. इससे स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि अब असरगंज के ढोल पहाड़ी की सुंदरता को देखने के लिए यहां पर्यटक पहुंचेंगे. यह पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयास से संभव हो पाया है. राजस्थान की जय बजरंग स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है. ढोल पहाड़ी के सौंदर्यीकरण होने से यहां न सिर्फ आवागमन की सुविधा होगी, ब्लकि प्रस्तावित इको टूरिज्म परियोजना को भी रफ्तार मिलेगी. राज्य सरकार ने ढोल पहाड़ी के विकास के लिए 12 करोड़ 49 लाख रुपए की स्वीकृति दी है. यह पूरा कार्य पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की निगरानी में किया जा रहा है. जिसमें प्राकृतिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है. इसके तहत पहाड़ी पर सीढ़ियों के साथ-साथ विश्राम के लिए बेंच, पेयजल सुविधा, पार्किंग, शॉपिंग स्टॉल और बच्चों के मनोरंजन के साधन विकसित किये जा रहे हैं. साथ ही ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को दर्शाने के लिए सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे. मालूम हो कि हाल ही में अधिकारियों की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की थी. अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने भी कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिया था. इसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों तारापुर विधायक सह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सराहना कर रहे हैं.

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Published by: Anand kumar

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