Munger News: बरियारपुर प्रखंड में बाढ़ का पानी अब इंटर के छात्रों के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की राह में भी बड़ी परेशानी बन गया है. प्रखंड के कई विद्यालय और कॉलेज बाढ़ के पानी से घिरे हैं. कहीं विद्यालय परिसर में पानी भरा है, तो कहीं कार्यालय तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. इसके बावजूद परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण छात्र जोखिम उठाकर विद्यालय पहुंच रहे हैं. कई जगह छात्रों को घर से विद्यालय तक पहुंचने के लिए दो से चार फीट तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. सड़क के किनारे गड्ढों में इससे भी अधिक पानी भरा होने से फिसलकर डूबने का खतरा बना हुआ है.
बालिका उच्च विद्यालय बरियारपुर, सीबीएलके कॉलेज, उच्च विद्यालय कल्याणपुर समेत प्रखंड के दर्जनों उच्च विद्यालय बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं. विद्यालयों तक पहुंचने वाले रास्ते भी कई जगह जलमग्न हैं. ऐसे में छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गयी है.
अंतिम तिथि नजदीक, बढ़ाई गयी तारीख की सूचना नहीं
विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के अनुसार इंटर परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 12 सितंबर शनिवार तक निर्धारित है. बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तारीख बढ़ाये जाने को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें अब तक कोई सूचना नहीं मिली है. इसी वजह से छात्र फॉर्म भरने के लिए पानी के बीच विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं.
छात्रों के लिए परेशानी केवल विद्यालय पहुंचने तक सीमित नहीं है. जलमग्न रास्तों के किनारे कई जगह गड्ढे हैं, जिनकी गहराई पानी के कारण दिखाई नहीं दे रही है. ऐसे में जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है.
एनएच मार्ग पर फॉर्म भरवा रहे प्रधानाचार्य
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विद्यालय स्तर पर भी छात्रों को राहत देने की कोशिश की जा रही है. बालिका उच्च विद्यालय बरियारपुर के प्रधानाचार्य मनीष कुमार ने बताया कि विद्यालय परिसर में बाढ़ का पानी जमा है. छात्रों के भविष्य को देखते हुए एनएच मार्ग पर इंटर का फॉर्म भरवाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उन्हें विद्यालय परिसर में जमा पानी के बीच नहीं जाना पड़े.
उन्होंने उम्मीद जतायी कि बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए इंटर परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि बढ़ायी जा सकती है.
Munger News: छात्रों की सुरक्षा के साथ समय पर फॉर्म भराना चुनौती
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में छात्रों के सामने अब दोहरी चुनौती है. एक तरफ समय पर परीक्षा फॉर्म भरना जरूरी है, तो दूसरी ओर विद्यालय तक पहुंचने में जान का जोखिम बना हुआ है. अभिभावकों का कहना है कि पानी कम होने तक वैकल्पिक व्यवस्था या फॉर्म भरने की समय सीमा बढ़ायी जाये, ताकि किसी छात्र को खतरा उठाकर विद्यालय नहीं जाना पड़े.
बाढ़ के कारण स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां पहले ही प्रभावित हैं. ऐसे में परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश और छात्रों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है.
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