सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष आशा व फेसिलेटरों ने किया प्रदर्शन

सरकार जबरन आभा कार्ड, आयुष्मान भारत बनाने जैसे कार्य आशा व फेसिलेटरों पर थोपती है.

मुंगेर आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाने का कार्य जबरन थोपे जाने के विरोध में गुरूवार को जिले की आशा व फेसिलेटरों ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. इस दौरान आशा व फेसिलेटरों ने सिविल सर्जन को ज्ञापन देकर दोनों कार्य से आशा व फेसिलेटरों को मुक्त करने की मांग की. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के बैनर तले सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष आशा व फेसिलेटरों के प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष उषा देवी तथा सचिव जुली देवी ने संयुक्त रूप से किया. अध्यक्ष ने कहा कि आशा कार्यकर्ता प्रोत्साहन राशि पर कार्य करती है. इसे मानदेय तक नहीं है. उसके बाद भी सरकार जबरन आभा कार्ड, आयुष्मान भारत बनाने जैसे कार्य आशा व फेसिलेटरों पर थोपती है. जिसका हम बहिष्कार करेंगे. सचिव ने कहा की सिविल सर्जन इस कार्य को कराने के लिए दूसरी व्यवस्था करे. कैंप लगाकर कार्ड बनवाए. आशा से मोवलायजार का कार्य ले. महासंघ गोपगुट के जिला सचिव रंजन कुमार ने कहा कि आशा कोरोना जैसी महामारी में घर-घर जाकर कार्य किया गया. जिसका भुगतान नगण्य है. हड़ताल में मानदेय पर सरकार सझौता करती है. जिसे लागू करने में आनाकानी कर रही है. मौके पर मेहरू निशा, रूबी कुमारी, शबनम कुमारी, फुलबती कुमारी, रीता सिंह, रानी कुमारी, गोपगुट के नेता सतीश प्रसाद सतीश, गीता देवी आदि मौजूद थी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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