Asarganj Water Supply: असरगंज प्रखंड में ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग बिहार के विशेष सचिव संजीव कुमार ने शुक्रवार को विभिन्न जलमीनारों का निरीक्षण किया. उन्होंने डाढ़ा सरौन, पनसाईं और मकवा में जलमीनारों की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के साथ एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना की स्थिति भी देखी. निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अभियंताओं को जलमीनारों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
जलमीनार के अंदर जाकर देखी सफाई व्यवस्था
विशेष सचिव ने जलमीनार के ऊपर चढ़कर टंकी के अंदर जाकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में पानी की टंकियों में माइक्रोब्स पनपने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में जलमीनारों की नियमित सफाई जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जा सके.
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में टंकियों की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है. पिछले दिन विभागीय टीम के निरीक्षण में कुछ कमियां सामने आयी थीं. इन कमियों को तत्काल दूर करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है.
विशेष सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टंकी की सफाई के बाद ब्लीचिंग पाउडर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सफाई करायी जाये और इसके बाद ही स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये. उन्होंने कहा कि इसके लिए विभागीय स्तर पर व्यापक अभियान शुरू किया गया है.
ग्रामीणों ने बिजली बाधित होने से जलापूर्ति रुकने की बतायी समस्या
निरीक्षण के दौरान विशेष सचिव ने ग्रामीणों से बातचीत कर जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली. ग्रामीणों ने बताया कि आंधी-बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जलमीनार से पानी की आपूर्ति भी रुक जाती है. इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीणों ने जलापूर्ति जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की. इस पर विशेष सचिव ने विभागीय स्तर पर समस्या पर चर्चा कर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया.
बताया गया कि एक जलमीनार से करीब 650 घरों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है. पनसाईं में पांच वार्ड, डाढ़ा सरौन में तीन वार्ड और मकवा में छह वार्ड इस जलापूर्ति योजना से जुड़े हैं.
Asarganj Water Supply: मोटर खराब होने पर 24 घंटे में मरम्मत का निर्देश
विशेष सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलमीनार की मोटर खराब होने या जलने की स्थिति में 24 घंटे के अंदर उसकी मरम्मत सुनिश्चित की जाये, ताकि लंबे समय तक ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े.
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता मुंगेर अजय कुमार, तारापुर की सहायक अभियंता कुमारी सुरभि और कनीय अभियंता खुशबू कुमारी समेत विभागीय अधिकारी मौजूद थे.
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