अनुमंडल अस्पताल में व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल
हवेली खड़गपुर. जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लगातार बदहाल होती जा रही है. हाल यह है कि अनुमंडल अस्पताल का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 दिसंबर को किया था. जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ बनने की आस आमलोगों में बनी थी, लेकिन मंगलवार को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक वृद्ध मरीज की मौत ने अब अनुमंडल अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. बताया गया कि खड़गपुर थाना क्षेत्र के कैथी गांव निवासी 65 वर्षीय जोगिंदर सिंह को उनके परिजनों द्वारा मंगलवार को बेहोशी की हालत में अनुमंडल अस्पताल लाया गया. जहां रेफर करने के बाद घंटों तक जोगिंदर सिंह के परिजन एंबुलेंस के लिए भटकते रहे गये और इधर जोगिंदर सिंह ने एंबुलेंस समय पर नहीं मिलने के कारण अपनी जान गंवा दी. मृतक के भतीजा अशोक सिंह, गुड्डू आदि ने बताया कि उसके चाचा जोगिंदर सिंह खेत में गए थे. जहां अचानक बेहोश होकर वह गिर पड़े. सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें अपराह्न 1.47 बजे अनुमंडल अस्पताल लाया गया. जहां इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.परिजनों ने बताया कि रेफर करने के बाद वे लोग एंबुलेंस के लिए काफी देर तक अनुमंडलीय अस्पताल में भटकते रहे. इस दौरान लगभग साढ़े तीन घंटे गुजर गये, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिला. उनलोगों ने कई बार 102 पर भी फोन किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिला. जिसके बाद वे लोग प्राइवेट एंबुलेंस की तलाश कर रही रहे थे कि उनके चाचा की मौत हो गयी. परिजनों ने कहा कि यदि समय पर जोगिंदर सिंह को एंबुलेंस मिल जाता तो उनकी जान बच जाती, लेकिन साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक एंबुलेंस नहीं मिलने से उनकी मौत हो गयी. इस दौरान परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया.
कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रदीप कुमार ने बताया कि मरीज की हालत क्रिटिकल थी. हालत गंभीर होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन अनुमंडल अस्पताल के चारों एंबुलेंस मरीज को लेकर गये थे. जो एक एंबुलेंस वापस आ रहा था. वह भी रास्ते में पंचर हो गया.
