बदहाली. तीन दिनों से बिजली गुल, भाड़ा के जेनेरेटर से चल रहा समरसेबुल
माधेपुर में तीन दिनों से बिजली नहीं है. ट्रांसफॉर्मर खराब है. इस वजह से लोगों को पानी मिलना भी दुश्वार हो रहा है. भाड़े पर जेनेरेटर लाकर लोग समरसेबुल चला रहे हैं. वहीं बरियारपुर में भी बिजली नहीं रहने की वजह से लोगों में आक्रोश है. उपभोक्ताअों ने सब स्टेशन में विरोध प्रदर्शन भी किया. इतना ही नहीं गलत बिजली बिल ने भी लोगों को परेशान कर रखा है.
मुंगेर : मुंगेर शहर के माधोपुर का इलाका पिछले तीन दिनों से अंधेरे में है. कारण तीन दिन पूर्व माधोपुर कठघरवा पुल के समीप लगा ट्रांसफॉर्मर (बी-9) खराब है. विद्युत विभाग का दावा है कि शहरी क्षेत्र में खराब ट्रांसफॉर्मर को 24 घंटे के अंदर बदलने की व्यवस्था है. किंतु 72 घंटे बाद भी ट्रांसफॉर्मर नहीं बदले जाने से क्षेत्र के लोगों में विभाग के प्रति काफी आक्रोश है. वैसे शुक्रवार को विभाग ने ट्रांसफॉर्मर को उतार कर उसे ठीक करने के लिए भेजा है.
मुहल्लेवासी अंगद कुमार, संकेत कुमार, वैभव कुमार, नवनीत कुमार सहित अन्य ने बताया कि तीन दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित है. सबसे ज्यादा परेशानी पानी के लिए हो रही है.
मुहल्ले के लोग चंदा कर जेनेरेटर भाड़ा पर लाकर समरसेबुल चला रहे हैं और अपनी टंकी को भर रहे हैं. इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं को भी पढ़ाई करने में हो रही है. हाल के दिनों में मैट्रिक, इंटर, बिहार एसएससी एवं ग्रेजुएशन की परीक्षा है. जिससे तैयारी करने में काफी परेशानी हो रही है. वहीं बच्चों द्वारा बैठाये गये प्रतिमा भी रात्रि में मोमबत्ती के सहारे रहा. खासकर मोबाइल चार्ज करने एवं पानी की विकराल समस्या उत्पन्न हो गयी है.
कहते हैं कनीय अभियंता
लाल दरवाजा फीडर के कनीय अभियंता गजेंद्र कुमार ने कहा कि माधोपुर में लगे ट्रांसफॉर्मर में तकनीकी खराबी आ गयी है. ट्रांसफॉर्मर को बदल कर दूसरा ट्रांसफॉमर लगाया जा रहा है. जल्द माधोपुर मुहल्ले में बिजली बहाल हो जायेगी.
बरियारपुर. विद्युत उपभोक्ताओं ने बरियारपुर विद्युत सब स्टेशन में अनियमित विद्युत आपूर्ति के विरोध में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया. आक्रोशित उपभोक्ता उदय कुमार पासवान, धनंजय पासवान, सोहन कुमार, गणेश कुमार, राजकुमार, अंकित, दीपक, टिंकु, मनमोहन, जीतन, अभिराम, गौरव, बबलू, अंकुश, उतम, रंजीत का कहना था कि कई माह से अनियमित विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के लोग परेशान हैं. दिन में दस बजे के बाद बिजली गुल हो जाती है दोपहर 3 बजे तक गुल रहती है. दिन तो दिन रात में भी बिजली गुल रहती है.
इस बीच बिजली पर अधारित कोई भी कार्य नहीं हो पाता है. जबकि ग्रिड में 20 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है और आपूर्ति 13 मेगावाट ही की जाती है. मजबूरन उपभोक्ताओं को बिजली के लिए जेनेरेटर के लिए अतिरिक्त बोझ वहन करना पड़ रहा है. ग्रिड में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार रोटेशन के अधार पर बरियारपुर बजार व कालीस्थान फीडर दोनों को बराबर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. आक्रोशित उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली में आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन किया जायेगा.
